25 May 2026 Fact Recorder
Education Desk: संघ लोक सेवा आयोग Union Public Service Commission द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 इस बार अपने बदले हुए पैटर्न और कठिन सवालों के कारण चर्चा का विषय बनी रही। 24 मई को आयोजित GS पेपर-I में पारंपरिक तथ्यात्मक प्रश्नों के साथ-साथ निर्णय क्षमता, व्यावहारिक समझ और विश्लेषणात्मक सोच पर आधारित सवाल पूछे गए, जिससे कई अभ्यर्थियों को पेपर मेन्स परीक्षा के एथिक्स सेक्शन जैसा महसूस हुआ।
परीक्षा के विश्लेषण के अनुसार इतिहास और कला एवं संस्कृति से सबसे अधिक 20 प्रश्न पूछे गए। वहीं अर्थशास्त्र से 19 और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से 18 सवाल शामिल रहे। भूगोल से 13 प्रश्न आए, जबकि पर्यावरण और अन्य विविध विषयों से 11-11 प्रश्न पूछे गए। इस बार राजनीति एवं शासन से केवल 8 प्रश्न पूछे जाने से कई उम्मीदवारों को आश्चर्य हुआ, क्योंकि यह हिस्सा सामान्यतः परीक्षा में मजबूत माना जाता है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कई प्रश्न सीधे तथ्यों पर आधारित नहीं थे, बल्कि उनमें परिस्थितियों को समझकर निर्णय लेने की क्षमता की जांच की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि UPSC अब उम्मीदवारों की रटने की क्षमता के बजाय उनकी व्यावहारिक सोच और विश्लेषण कौशल को अधिक महत्व दे रहा है।
इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में भी कई नए बदलाव लागू किए गए। कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति और QR-कोड आधारित एडमिट कार्ड सत्यापन की व्यवस्था की गई, ताकि परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सके।
इसके अलावा, आयोग ने आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब पूरी भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही अनंतिम आंसर-की जारी की जा सकती है। साथ ही उम्मीदवारों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराने की सुविधा भी मिलेगी। इसे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













