24 July 2026 Fact Recorder
National Desk : पेपर लीक विवाद के बीच शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27 दिन से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया, वहीं केंद्र सरकार ने परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून लाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। दूसरी ओर, आंदोलन का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगी।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि सरकार के साथ बातचीत और देश में किसी भी तरह के तनाव की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि समझौते की शर्तों की विस्तृत जानकारी जल्द साझा करेंगे।
पेपर लीक पर सरकार का सख्त रुख
प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पेपर लीक युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है और इसके दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार कठोर कानून लाने जा रही है। प्रस्तावित कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों की जल्द सुनवाई और दोषियों को शीघ्र सजा सुनिश्चित करने का प्रावधान किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले के बाद कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन सरकार केवल कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
आज मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल की बैठक
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों और सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के बीच शुक्रवार को बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इसमें परीक्षा सुधार, पेपर लीक रोकने के उपाय और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
सीजेपी की दो टूक
सरकार की घोषणाओं के बावजूद सीजेपी ने कहा कि केवल नए कानून की घोषणा पर्याप्त नहीं है। संगठन का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने शुक्रवार को देशभर में जिला स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का भी आह्वान किया है।
उच्च शिक्षा सचिव का तबादला
इस बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर दिया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि यह बदलाव परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रशासन में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब आगे क्या?
सरकार की ओर से प्रस्तावित कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सबकी निगाहें संसद के मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां पेपर लीक रोकने से जुड़े विधेयक पर चर्चा और उसे पारित कराने का प्रयास किया जा सकता है। वहीं, सीजेपी ने संकेत दिए हैं कि उसकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।













