24 July 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को रुक-रुक कर बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग दर्रा में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। खराब मौसम के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
शिमला के भट्ठाकुफर फल मंडी के ऊपर स्थित शिव मंदिर के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। उस समय मंडी परिसर में कई वाहन खड़े थे, हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है। वहीं, शिमला के टुटू क्षेत्र में चट्टान से पत्थर गिरने के कारण एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। दूसरी ओर, लाहौल-स्पीति के जाहलमा नाला मार्ग को छोटे और बड़े वाहनों के लिए दोबारा खोल दिया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल 136 सड़कें बंद, 64 बिजली ट्रांसफार्मर ठप और 375 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण इस मानसून सीजन में अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। वहीं, बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 66 लोगों की मौत भी दर्ज की गई है।
मौसम के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई माह में अब तक प्रदेश में 191 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। सबसे अधिक बारिश सिरमौर जिले में हुई, जहां 413 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक है।
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के विशेष सचिव पुष्पिंदर राणा ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक संसाधन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।













