23 July 2026 Fact Recorder
Sports Desk: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सफर 1934 में जीते एकमात्र कांस्य पदक से शुरू हुआ था और आज यह आंकड़ा बढ़कर 564 पदकों तक पहुंच चुका है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाले 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारतीय दल एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीदों के साथ उतरने की तैयारी में है।
भारत ने अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स के 18 संस्करणों में हिस्सा लिया है। इस दौरान देश ने कुल 564 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 203 स्वर्ण, 190 रजत और 171 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि शुरुआती दौर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। 1934 के लंदन कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला कांस्य पदक जीतने के बाद 1938 (सिडनी) और 1954 (वैंकूवर) में भारतीय खिलाड़ी बिना कोई पदक जीते लौटे थे।
इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। 1958 के कार्डिफ गेम्स में भारत ने 3 पदक जीते, जबकि 1966 में पहली बार पदकों की संख्या दहाई के आंकड़े तक पहुंची। 1970 और 1980 के दशक में भी भारत ने अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया और कई खेलों में मजबूत पहचान बनाई।
1990 के दशक से भारत की पदक तालिका में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। 1990 में भारत ने 32 पदक जीते, जबकि 2002 मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स में 69 पदकों के साथ नया कीर्तिमान बनाया। इसके बाद 2010 में नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के इतिहास का सबसे सफल अभियान साबित हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीतकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
हाल के वर्षों में भी भारत ने अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखी है। 2014 ग्लासगो में 64, 2018 गोल्ड कोस्ट में 66 और 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 61 पदक जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
ग्लासगो में होने वाले आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय खिलाड़ियों से पदकों की संख्या बढ़ाने और देश का नाम रोशन करने की उम्मीदें हैं।













