19 May 2026 Fact Recorder
International Desk: Afghanistan में गरीबी और भुखमरी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार देश में करीब 47 लाख लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई परिवार अपने बच्चों को बेचने तक के लिए मजबूर हो गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान के घोर प्रांत में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां रोजाना सैकड़ों लोग रोजगार की तलाश में सड़कों पर खड़े रहते हैं, लेकिन अधिकांश को काम नहीं मिल पाता। कई परिवारों के पास खाने तक के लिए पैसे नहीं हैं और बच्चे लगातार भूखे सोने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेरोजगारी और गरीबी ने जिंदगी बेहद कठिन बना दी है। कई परिवार बासी रोटी और गर्म पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं। कुछ इलाकों में जब मुफ्त रोटी बांटी जाती है तो उसे लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
गांवों में हालात और भी दर्दनाक बताए जा रहे हैं। कुछ परिवारों ने अपने बच्चों को बेचने तक का फैसला लिया है ताकि बाकी सदस्यों का पेट भर सके या बीमार बच्चों का इलाज कराया जा सके। एक पिता ने अपनी पांच साल की बेटी को इलाज के लिए रिश्तेदार को बेचने की बात स्वीकार की है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी सहायता में भारी कमी इस संकट की बड़ी वजह है। पहले लाखों लोगों को अंतरराष्ट्रीय संगठनों से खाद्य सामग्री और पोषण सहायता मिलती थी, लेकिन अब अमेरिका समेत कई देशों द्वारा मदद घटाने से हालात बिगड़ गए हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस साल विदेशी सहायता में करीब 70 प्रतिशत तक कमी आई है।
इसके अलावा सूखा, महंगाई और बेरोजगारी ने संकट को और गंभीर बना दिया है। अस्पतालों में कुपोषित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और दवाओं की कमी के कारण कई बच्चों की मौतें भी हो रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और बड़ी मानवीय त्रासदी का खतरा मंडरा रहा है।













