21 March 2026 Fact Recorder
Health Desk: आजकल फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के बढ़ते ट्रेंड के कारण प्रोटीन सप्लीमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जिम जाने वाले लोग, एथलीट्स और मसल्स बनाने की चाह रखने वाले कई लोग नियमित रूप से प्रोटीन पाउडर या अन्य सप्लीमेंट लेते हैं। हालांकि प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल की पूर्व डायटिशियन डॉ. अनामिका गौर के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति संतुलित मात्रा में प्रोटीन सप्लीमेंट लेता है और उसका लिवर स्वस्थ है, तो आमतौर पर इससे सीधे नुकसान नहीं होता। लेकिन लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेने से शरीर की मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर लिवर के कामकाज पर भी पड़ सकता है।
सप्लीमेंट के एडिटिव्स भी बन सकते हैं कारण
कई प्रोटीन सप्लीमेंट में फ्लेवर, प्रिजर्वेटिव और अन्य एडिटिव्स मिलाए जाते हैं। इनका ज्यादा सेवन लिवर के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से लिवर से जुड़ी समस्या है, उन्हें प्रोटीन सप्लीमेंट लेते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और बिना एक्सपर्ट की सलाह के हाई डोज नहीं लेनी चाहिए।
ज्यादा प्रोटीन लेने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेने पर शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जैसे:
- पेट में गैस, कब्ज या अपच
- डायरिया या पाचन संबंधी दिक्कत
- बार-बार प्यास लगना
- थकान और सिरदर्द
- कुछ मामलों में वजन बढ़ना
लंबे समय तक अधिक मात्रा लेने से किडनी पर भी दबाव बढ़ सकता है, जिससे पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
कितनी मात्रा सही मानी जाती है?
विशेषज्ञों के अनुसार एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन पर्याप्त होता है। जो लोग नियमित वर्कआउट या भारी शारीरिक मेहनत करते हैं, उन्हें इससे थोड़ी ज्यादा मात्रा की जरूरत हो सकती है।
इसलिए प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी रोज की डाइट से कितना प्रोटीन मिल रहा है। संतुलित मात्रा में सेवन और डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही सप्लीमेंट लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।











