US Reaction on Pahalgam Attack Anniversary: पाकिस्तान से आतंकी संगठनों पर सख्ती की मांग

23 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

International Desk:  वॉशिंगटन डी.सी. में पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिकी सांसदों ने एकजुट होकर पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। यह कार्यक्रम भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक डिजिटल प्रदर्शनी के दौरान हुआ, जिसमें 2025 के पहलगाम आतंकी हमला समेत 1993 और 2008 के मुंबई हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई।

अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे द रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ था, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से बताया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आतंकी समूहों को पाकिस्तान में पनाह मिलती है और वहां की सरकार को इन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कार्यक्रम में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने पर जोर दिया।

इस दौरान लिसा मैक्लेन ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है, जबकि रो खन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दशकों पहले ही इस खतरे को लेकर चेतावनी दी थी। वहीं, रिचर्ड मैककॉर्मिक ने आतंकवाद को वैश्विक खतरा बताते हुए कहा कि यह भारत और अमेरिका दोनों के लिए बड़ी चुनौती है।

प्रदर्शनी में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है और भारत इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर 2025 में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र हुआ, जिसके तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

कुल मिलाकर, पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिका में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख देखने को मिला और पाकिस्तान पर कार्रवाई का दबाव बनाने की मांग तेज हुई।