मंडी, 03 जून 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडी विवेक कायस्थ ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा “मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी)” के मार्गदर्शन में “मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, श्रम विवाद, उपभोक्ता मामले, भूमि अधिग्रहण संबंधी मामले तथा अन्य समझौता योग्य दीवानी एवं आपराधिक मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पक्षकारों के बीच उत्पन्न विवाद को एक प्रशिक्षित एवं निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर सुलझाया जाता है। यह प्रक्रिया गोपनीय, सरल, समय एवं धन की बचत करने वाली तथा सौहार्दपूर्ण संबंधों को बनाए रखने में सहायक होती है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडी ने जनसाधारण से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं तथा अपने लंबित विवादों के समाधान हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाकर न्याय प्राप्ति की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाएं।













