23 July 2026 Fact Recorder
Bollywood Desk: देशभर में कथित पेपर लीक मामलों के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को अब बॉलीवुड से भी समर्थन मिलने लगा है। अभिनेता सलमान खान ने छात्रों के पक्ष में बयान जारी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन पूरी तरह शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है और इसे किसी भी तरह राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और छात्रों के घायल होने पर दुख भी जताया।
सलमान खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि देश में शिक्षा को अगला ट्रेंड और फैशन बनना चाहिए। उन्होंने छात्रों की एकजुटता और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के साथ देश का भविष्य बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अभिनेता ने कहा कि यह आंदोलन शुरू से शांतिपूर्ण था, लेकिन इसका हिंसक रूप लेना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों और उनके परिवारों को इस दौरान चोट पहुंची, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। सलमान ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं और इस मुद्दे का समाधान गंभीरता से किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों ने पूरी शांति और अनुशासन के साथ अपनी बात रखने की कोशिश की है। ऐसे में इस आंदोलन का श्रेय केवल छात्रों को मिलना चाहिए। उन्होंने अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से हाईजैक नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का विषय है।
सलमान खान ने विश्वास जताया कि सरकार भी छात्रों की चिंताओं को समझते हुए शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होता है तो यह छात्रों और देश, दोनों के लिए लाभकारी होगा।
अपने संदेश के अंत में अभिनेता ने भारत को भविष्य में वैश्विक शिक्षा केंद्र (Educational Hub) बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल तैयार होना चाहिए कि दुनिया भर के विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए भारत का रुख करें।
दिल्ली में 34वें दिन भी जारी है छात्र आंदोलन
उधर, कथित पेपर लीक मामलों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में युवा और छात्र पिछले 34 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। आंदोलन का प्रभाव अब दिल्ली से बाहर कई राज्यों तक पहुंच चुका है, जहां विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में लगातार 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य खराब होने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, छात्रों के आंदोलन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। हाल ही में राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया था, जिसके दौरान उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। ऐसे में छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।













