27 अप्रैल 2026, Fact Recorder
Haryana Desk: चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन विधेयक पर चर्चा करते हुए राज्य की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री Shruti Choudhry ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जब संसद में इस विधेयक को लाने की खबर सामने आई, तो देशभर में खासकर महिलाओं के बीच उत्साह का माहौल बन गया था।
उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पारित होता, तो यह देश के सबसे महत्वपूर्ण विधायी फैसलों में शामिल होता। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से न केवल राजनीति में बदलाव आता, बल्कि समाज के हर स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता।
मंत्री ने बताया कि भारत के संविधान निर्माताओं ने शुरुआत से ही महिलाओं और पुरुषों को समान मतदान अधिकार देकर एक प्रगतिशील सोच का परिचय दिया। कई देशों के मुकाबले भारत में महिलाओं को यह अधिकार पहले ही मिल जाना एक बड़ी उपलब्धि रही है।
Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। Swachh Bharat Mission, Pradhan Mantri Ujjwala Yojana और ‘हर घर जल’ जैसी पहलों ने महिलाओं के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाया है।
उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा में इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है। राज्य का लिंगानुपात 2015 में 871 से बढ़कर अब 923 तक पहुंच गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
आर्थिक सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि Pradhan Mantri Awas Yojana के तहत बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, हरियाणा सरकार ने राशन डिपो में 33 प्रतिशत आरक्षण, ‘मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना’ और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ जैसी पहल के जरिए महिलाओं को मजबूत बनाने का काम किया है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए Shruti Choudhry ने कहा कि इस विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने महिलाओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में निर्णय लिए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक केवल एक राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि देश को यह संदेश देने का अवसर था कि भारत महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर जागरूक हैं और भविष्य में इसका जवाब जरूर देंगी।













