September 19,2026 Fact Recorder
International Desk: सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच भारत और पाकिस्तान की ओर से अहम बयान सामने आए हैं। भारत ने सऊदी क्षेत्र, नागरिकों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री आवाजाही पर इसके असर को लेकर चिंता जताई है। वहीं, पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ‘बिना शर्त’ बताते हुए हरसंभव समर्थन का भरोसा दिया है।
भारत ने हूती हमलों को बताया अस्वीकार्य
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत यमन में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने सऊदी अरब के क्षेत्रों, खासकर नागरिकों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों की निंदा की। भारत ने मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की भी निंदा की है।
भारत ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं। साथ ही, इनसे बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही के लिए भी खतरा पैदा होता है। भारत ने क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई है।
पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ खड़े रहने की बात कही
इसी बीच पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने सऊदी अरब को लेकर बड़ा बयान दिया है।
अरब न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ कूटनीतिक और भौतिक, दोनों तरह से खड़ा है। उन्होंने सऊदी सुरक्षा के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को बिना शर्त बताया और कहा कि उनका देश सऊदी अरब की रक्षा के लिए “किसी भी हद तक” जाएगा।
मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के बाद बयान अहम
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने अगस्त 2026 में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी के खिलाफ हमला माना गया है। पाकिस्तान के मौजूदा बयान को इसी क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक समझौते की पूरी परिचालन व्यवस्था सार्वजनिक नहीं है और पाकिस्तान ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मौजूदा स्थिति में सऊदी अरब की ओर से किसी अतिरिक्त सैन्य सहायता का औपचारिक अनुरोध किया गया है या नहीं।
बढ़ रहा है सऊदी-हूती तनाव
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच हालिया तनाव के दौरान मिसाइल और ड्रोन हमलों में बढ़ोतरी हुई है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
ऐसे समय में भारत ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता पर जोर दिया है, जबकि पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।













