September 19,2026 Fact Recorder
Sports Desk: जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियन गेम्स के मेडल्स अपने अनोखे डिजाइन और पर्यावरण अनुकूल निर्माण के कारण चर्चा में हैं। इन मेडल्स का डिजाइन एक राष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता के जरिए चुना गया है। जापानी डिजाइनर डाइसुके शीबा ने इसका कॉन्सेप्ट तैयार किया है, जो एशियन गेम्स के आधिकारिक नारे ‘Imagine One Asia’ और ‘विविधता में एकता’ की भावना को दर्शाता है।
डाइसुके शीबा ने कैसे तैयार किया मेडल का डिजाइन?
डाइसुके शीबा ने मेडल के डिजाइन को तैयार करने के लिए एक अलग प्रयोग किया। उन्होंने कई सेरामिक डिस्क्स को तोड़कर उनके टुकड़ों को जोड़ने की प्रक्रिया का अध्ययन किया। उनके कॉन्सेप्ट के मुताबिक, एक खिलाड़ी की सफलता के पीछे संघर्ष, चोट, असफलता, मेहनत और कई मुश्किल दौर शामिल होते हैं।
मेडल का डिजाइन इन्हीं बिखरे हुए अनुभवों के एक साथ जुड़ने का प्रतीक है। साथ ही, यह एशिया की अलग-अलग संस्कृतियों और भाषाओं को खेलों के मंच पर एकजुट होने का संदेश देता है।
एशियन गेम्स 2026 के मेडल्स की 5 बड़ी खासियतें
1. रिसाइकिल्ड ई-कचरे से तैयार किए गए मेडल
इन मेडल्स को तैयार करने में रिसाइकिल्ड इलेक्ट्रॉनिक कचरे से प्राप्त धातु का इस्तेमाल किया गया है। जापान के नगर निगमों की ओर से एकत्र किए गए पुराने और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से धातु निकालकर मेडल निर्माण में इस्तेमाल की गई। इससे पर्यावरण संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया है।
2. काकित्सुबाता फूल से प्रेरित मेडल रिबन
मेडल के रिबन पर आइची प्रांत के आधिकारिक फूल ‘काकित्सुबाता’ की आकृति दिखाई गई है। रिबन का घुमावदार डिजाइन खिलाड़ियों की मजबूती, लचीलापन और आगे बढ़ने की क्षमता का प्रतीक माना गया है।
3. हिनोकी लकड़ी से बना मेडल बॉक्स
मेडल को रखने के लिए तैयार किया गया बॉक्स आइची की प्रसिद्ध हिनोकी लकड़ी से बनाया गया है। इसके डिजाइन में जापान की पारंपरिक चाय संस्कृति से प्रेरणा ली गई है।
4. मेडल का आकार
एशियन गेम्स 2026 के सभी मेडल गोलाकार आकार में बनाए गए हैं। प्रत्येक मेडल का डायमीटर 8 सेंटीमीटर और मोटाई 5 मिलीमीटर है।
5. गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल का वजन
गोल्ड मेडल का वजन लगभग 265 ग्राम है। इसमें शुद्ध चांदी के ऊपर कम से कम 1 ग्राम सोने की परत चढ़ाई गई है। सिल्वर मेडल करीब 264 ग्राम का है और यह शुद्ध चांदी से बना है।
वहीं, ब्रॉन्ज मेडल का वजन लगभग 222 ग्राम है। इसे 95 प्रतिशत तांबे और 5 प्रतिशत जिंक के मिश्रण से तैयार किया गया है।
खिलाड़ियों की मेहनत और एशिया की एकता का प्रतीक
एशियन गेम्स 2026 के मेडल्स को सिर्फ विजेताओं को दिए जाने वाले सम्मान के तौर पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के संघर्ष, उपलब्धि और एशिया की विविध संस्कृतियों के एक साथ आने के प्रतीक के रूप में डिजाइन किया गया है। रिसाइकिल्ड धातु से लेकर स्थानीय फूल और हिनोकी लकड़ी तक, इसके अलग-अलग हिस्सों में जापान और एशियाई खेल भावना की झलक देखने को मिलती है।













