13 May 2026 Fact Recorder
Business Desk: केंद्र सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। नई ड्यूटी व्यवस्था लागू होते ही वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड तेजी दर्ज की।
सोने में 11 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी
देश के वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। कारोबार के दौरान गोल्ड करीब 11,055 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया।
आंकड़ों के अनुसार:
- सोना 1,54,851 रुपये पर खुला
- पिछले सत्र में 1,53,442 रुपये पर बंद हुआ था
- कारोबार के दौरान कीमत 1,64,497 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई
- सुबह 9:35 बजे तक सोना करीब 8,300 रुपये की तेजी के साथ 1,61,742 रुपये पर ट्रेड कर रहा था
चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। MCX पर सिल्वर के दाम कारोबार के दौरान 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गए।
चांदी के प्रमुख आंकड़े:
- ओपनिंग प्राइस: 2,90,224 रुपये प्रति किलो
- पिछला बंद भाव: 2,79,062 रुपये
- दिन का उच्चतम स्तर: 3,01,429 रुपये प्रति किलो
- सुबह 9:45 बजे तक चांदी 17,535 रुपये की तेजी के साथ 2,96,597 रुपये पर कारोबार करती दिखी
सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी?
सरकार ने सोने और चांदी पर कुल प्रभावी इंपोर्ट टैक्स बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। इसमें:
- 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी
- 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC)
शामिल है।
सरकार का उद्देश्य:
- कीमती धातुओं के आयात को कम करना
- व्यापार घाटा नियंत्रित करना
- विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना
- रुपये को मजबूती देना
ग्लोबल फैक्टर्स का भी असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों का असर देखने को मिला। अमेरिका-ईरान तनाव, महंगाई के आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड और सिल्वर की ओर आकर्षित किया।
हालांकि स्पॉट गोल्ड में हल्की गिरावट दर्ज की गई:
- स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 4,695.99 डॉलर प्रति औंस
- यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 4,705.30 डॉलर प्रति औंस
- स्पॉट सिल्वर 86.71 डॉलर प्रति औंस
- सिल्वर फ्यूचर्स में 2% से ज्यादा तेजी
आगे क्या हो सकता है?
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद बाजार नई कीमतों के हिसाब से खुद को एडजस्ट कर रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि ऊंची कीमतों का असर मांग पर कितना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- शुरुआती तेजी ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर है
- यदि मांग कमजोर पड़ती है तो कीमतों में गिरावट संभव है
- अगले कुछ कारोबारी सत्र बाजार की दिशा तय करेंगे
फिलहाल घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों निवेशकों के लिए चर्चा का सबसे बड़ा विषय बने हुए हैं।













