21 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी जहाज को रोके जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उस पर ऐसे रसायन या उपकरण लदे हो सकते थे, जिनका इस्तेमाल मिसाइल बनाने में किया जा सकता है।
अमेरिका की पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत Nikki Haley ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा पकड़ा गया जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उस पर “मिसाइलों के लिए रासायनिक सामान” मौजूद था। उन्होंने कहा कि जहाज को कई बार रुकने का आदेश दिया गया, लेकिन उसने आदेश नहीं माना।
जब्त किए गए जहाज की पहचान M/V Touska के रूप में हुई है। यह जहाज Islamic Republic of Iran Shipping Lines से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर अमेरिका पहले से प्रतिबंध लगा चुका है। अमेरिकी सेना ने इसे ओमान की खाड़ी में, ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास रोका।
अमेरिकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, जहाज पर “डुअल-यूज” सामान होने की आशंका है। ऐसे सामान का इस्तेमाल नागरिक और सैन्य, दोनों कामों में किया जा सकता है। इनमें धातु, पाइप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रसायन शामिल हो सकते हैं। हालांकि अमेरिका ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि जहाज पर वास्तव में कौन-सा सामान मिला।
ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को “समुद्री डकैती” बताया है। तेहरान का कहना है कि जहाज वैध रूप से चीन से ईरान जा रहा था और अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। ईरान ने यह भी कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी नहीं हटाता, वह प्रस्तावित शांति वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा।
चीन ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की है। बीजिंग का कहना है कि होर्मुज क्षेत्र की स्थिति पहले से ही संवेदनशील है और ऐसे कदम हालात को और बिगाड़ सकते हैं।













