5 August 2026 Fact Recorder
Health Desk: नाखूनों के निचले हिस्से में दिखाई देने वाला सफेद आधा चांद, जिसे चिकित्सकीय भाषा में लुनुला (Lunula) कहा जाता है, केवल नाखून का सामान्य हिस्सा ही नहीं बल्कि कई बार शरीर की सेहत से जुड़े संकेत भी दे सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे किसी बीमारी का निश्चित संकेत मानना सही नहीं है।
कैलाश दीपक हॉस्पिटल की कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. मानसी निगम के अनुसार, कुछ लोगों में लुनुला स्पष्ट दिखाई देता है, जबकि कई लोगों में यह बहुत छोटा होता है या बिल्कुल नजर नहीं आता। यह सामान्य स्थिति हो सकती है और हर व्यक्ति में इसका आकार अलग-अलग हो सकता है।
क्या हार्ट और किडनी की बीमारी से है संबंध?
विशेषज्ञ बताती हैं कि लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे कुछ मरीजों में लुनुला छोटा हो सकता है या दिखाई देना बंद हो सकता है। इसकी वजह बीमारी के कारण रक्त प्रवाह और नाखूनों की वृद्धि पर पड़ने वाला प्रभाव हो सकता है।
इसी तरह कुछ हृदय संबंधी बीमारियों में भी लुनुला के रंग या आकार में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, केवल नाखून देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी व्यक्ति को हार्ट या किडनी की बीमारी है।
कब होनी चाहिए सतर्कता?
यदि नाखूनों में अचानक बदलाव दिखाई दे, जैसे लुनुला का रंग बदल जाना, आकार में परिवर्तन होना या उसका गायब हो जाना और इसके साथ शरीर में अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए—
- पैरों में लगातार सूजन
- सांस फूलना
- सीने में दर्द या भारीपन
- बिना वजह अत्यधिक थकान
- पेशाब से जुड़ी समस्याएं
इन कारणों से भी बदल सकते हैं नाखून
डॉ. मानसी निगम के अनुसार, नाखूनों में बदलाव केवल हार्ट या किडनी की बीमारी की वजह से ही नहीं होते। एनीमिया, थायरॉयड की समस्या, विटामिन की कमी, डायबिटीज और बढ़ती उम्र के कारण भी लुनुला के आकार या रंग में बदलाव आ सकता है।
क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपके नाखूनों में दिखने वाला आधा चांद दूसरों से अलग है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि इसमें अचानक बदलाव आए और वह लंबे समय तक बना रहे या उसके साथ अन्य शारीरिक लक्षण भी दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर जांच से सही कारण का पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उचित इलाज शुरू किया जा सकता है।













