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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सेक्टर-53 आवास योजना पर फिर संकट, बंद करने के प्रस्ताव पर आज होगा फैसला

8 July 2026 Fact Recorder

Chandigarh Desk:  करीब एक दशक से लंबित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की सेक्टर-53 सामान्य आवास योजना एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है। योजना को औपचारिक रूप से बंद करने के प्रस्ताव पर बुधवार को होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।

यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद सीएचबी ने लगभग दस साल बाद इस योजना को दोबारा शुरू करने की तैयारी की थी। इससे पहले वर्ष 2023 में तत्कालीन प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इसे रद्द कर दिया था, जिसके बाद 372 फ्लैटों के निर्माण के लिए जारी करीब 200 करोड़ रुपये के टेंडर भी निरस्त कर दिए गए थे।

372 फ्लैट बनाने की थी योजना

प्रस्ताव के तहत सेक्टर-53 की करीब 9 एकड़ जमीन पर 192 एचआईजी, 100 एमआईजी और 80 ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाए जाने थे। बाद में प्रशासन ने बची हुई जमीन के बेहतर उपयोग, एफएआर बढ़ाने, भवनों की ऊंचाई और घनत्व में बदलाव जैसे विकल्पों पर भी विचार करने के निर्देश दिए थे, ताकि परियोजना आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य बन सके।

डिमांड सर्वे में मिला था शानदार रिस्पॉन्स

मार्च 2025 में हुए डिमांड सर्वे में इस योजना को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला था। 372 फ्लैटों के लिए 7,468 आवेदन प्राप्त हुए थे, यानी प्रत्येक फ्लैट के लिए लगभग 20 दावेदार थे। इससे शहर में किफायती आवासों की मजबूत मांग सामने आई थी।

पहले भी दो बार हो चुकी है रद्द

यह योजना पहली बार वर्ष 2018 में लाई गई थी, लेकिन फ्लैटों की अधिक कीमतों के कारण पर्याप्त आवेदन नहीं मिले और इसे वापस लेना पड़ा। अब तीसरी बार इस योजना का भविष्य बोर्ड की बैठक के फैसले पर निर्भर करेगा।

अन्य प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा

बैठक में सेक्टर-51ए की वर्ष 2016 की सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत बने 200 दो-बेडरूम फ्लैटों पर लागू 10 वर्ष की लॉक-इन अवधि को घटाकर 5 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा।