3 June 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर ही शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। बुधवार, 3 जून 2026 को अधिक (पुरुषोत्तम) मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा, जप, तप और दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय।
आज की तिथि एवं पंचांग
- तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया (रात्रि 9:21 बजे तक)
- वार: बुधवार
- नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (दोपहर 12:59 बजे तक), इसके बाद उत्तराषाढ़ा
- योग: शुभ योग (सुबह 8:12 बजे तक)
- करण: वणिज (सुबह 8:12 बजे तक), इसके बाद विष्टि (भद्रा) करण
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:15 बजे
- चंद्रोदय: रात 10:04 बजे
- चंद्रास्त: 4 जून सुबह 7:21 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:02 बजे से 4:43 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 4:22 बजे से 5:23 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:38 बजे से 3:34 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:14 बजे से 7:34 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:37 बजे से रात 9:24 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:59 बजे से 4 जून रात्रि 12:40 बजे तक
आज का राहुकाल और अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:19 बजे से 2:03 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:07 बजे से 8:51 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 10:35 बजे से 12:19 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से 12:47 बजे तक
- भद्रा काल: सुबह 8:12 बजे से रात 9:21 बजे तक
पुरुषोत्तम मास का महत्व
अधिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में किए गए जप, तप, दान, व्रत और पूजा का कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। आज भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना गया है।
आज का विशेष उपाय
आज पीले वस्त्र धारण करें, भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करें। इससे सुख-समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होगी।













