चंडीगढ़, 24 सितंबर 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से मीडिया के सामने आकर श्री आनंदपुर साहिब स्थित एसजीपीसी की सराय से जुड़े विवाद पर उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग की है। पन्नू ने इस मुद्दे पर अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा नेताओं से भी सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
पन्नू ने सवाल उठाया कि एक महिला कथित तौर पर एसजीपीसी द्वारा संचालित सराय में छह महीने से अधिक समय तक कैसे रही और उसके रहने, कमरे तथा अन्य सुविधाओं की व्यवस्था किसने की। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने लंबे समय तक ऐसी स्थिति कैसे बनी रही और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी करीब एक महीने बाद सामने आए, लेकिन पत्रकारों के सवालों का सीधे सामना करने के बजाय वीडियो बयान जारी किया। पन्नू ने मांग की कि धामी प्रेस के सामने आकर सिख संगत और पंजाब के लोगों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब दें।
विपक्षी नेताओं से भी जवाब की मांग
बलतेज पन्नू ने सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत विपक्षी नेताओं से भी इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस और भाजपा के नेता इस मुद्दे पर टीवी बहसों में शामिल होकर अपना पक्ष क्यों नहीं रख रहे हैं।
FIR को लेकर भी उठाए सवाल
पन्नू ने अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए सराय में महिला के लंबे समय तक रहने और उसे कथित तौर पर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, 21 अगस्त को दर्ज एफआईआर में महिला ने दुष्कर्म, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी के आरोप लगाए हैं; चावला ने इन आरोपों को गलत और मनगढ़ंत बताया है।
पन्नू ने कहा कि मामले की जांच के दौरान तथ्यों को सामने लाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिला द्वारा पुलिस को मोबाइल फोन सौंपे जाने की बात सामने आई है और जांच एजेंसियों को चैट, तस्वीरों तथा अन्य संबंधित सामग्री की जांच करनी चाहिए।
पन्नू ने धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि एसजीपीसी सराय विवाद से जुड़े सवालों का जवाब जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।













