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बढ़ता प्रदूषण आंखों के लिए खतरा, खुजली-जलन से राहत दिलाएंगे ये आयुर्वेदिक उपाय

बढ़ता प्रदूषण आंखों के लिए खतरा, खुजली-जलन से राहत दिलाएंगे ये आयुर्वेदिक उपाय

16 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। खांसी और सांस की परेशानी के साथ-साथ आंखों में खुजली, जलन, लालपन और पानी आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में दिल्ली में एक्यूआई 400 के पार पहुंचने के बाद हालात और गंभीर हो गए, जिसके चलते ग्रैप-4 लागू करना पड़ा और स्कूल तक बंद करने के आदेश दिए गए।

जयपुर की आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. किरण गुप्ता के मुताबिक, प्रदूषण का सीधा असर आंखों पर पड़ता है। इससे जलन, खुजली, लालपन, ड्राई आई, धुंधला दिखना, एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस और संक्रमण तक की शिकायत हो सकती है। बच्चे और बुजुर्ग इस समस्या से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, वहीं सांस के मरीजों के लिए यह हवा जहर जैसी साबित हो रही है।

आयुर्वेदिक तरीके जो दिलाएं राहत
डॉ. गुप्ता बताती हैं कि बाजार की दवाओं पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय कुछ आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर आंखों को राहत दी जा सकती है—

  • त्रिफला जल से आंखों की सफाई: आंवला, हरड़ और बहेड़ा को भिगोकर बनाए गए पानी से आंखों को धोने से सूजन और जलन कम होती है।

  • नेचुरल आई ड्रॉप्स: आयुर्वेदिक आई ड्रॉप्स का सीमित उपयोग आंखों को सुकून दे सकता है।

  • खीरे का इस्तेमाल: खीरे के टुकड़े आंखों पर रखने से ठंडक मिलती है और हाइड्रेशन बना रहता है।

  • आंखों की एक्सरसाइज: दिन में एक बार आंखों की हल्की एक्सरसाइज करने से नसें रिलैक्स होती हैं।

  • ठंडे पानी के छींटे: मुंह में पानी भरकर चेहरे और आंखों पर हल्के छींटे मारने से भी आराम मिलता है।

बचाव भी है जरूरी
प्रदूषण ज्यादा होने पर अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। घर के अंदर साफ हवा बनाए रखने के लिए एयर प्यूरीफायर या मनी प्लांट जैसे पौधों का सहारा लिया जा सकता है। सर्दियों में हीटर का इस्तेमाल करते समय वेंटिलेशन जरूर रखें, ताकि आंखों और शरीर पर अतिरिक्त नुकसान न हो।

इन आसान आयुर्वेदिक उपायों और सावधानियों को अपनाकर बढ़ते प्रदूषण के बीच आंखों को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।