14 May 2026 Fact Recorder
National Desk: बढ़ती महंगाई और घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक चीनी के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला कम उत्पादन और भविष्य में आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लिया गया है।
Directorate General of Foreign Trade द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ITC (HS) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के तहत आने वाली कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी की निर्यात नीति को ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी से बदलकर ‘निषिद्ध’ कर दिया गया है।
हालांकि, सरकार ने कुछ विशेष निर्यात श्रेणियों को इस रोक से बाहर रखा है। यूरोपीय संघ और अमेरिका को CXL और TRQ कोटे के तहत होने वाले निर्यात पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के तहत किए जाने वाले निर्यात और खाद्य सुरक्षा के उद्देश्य से सरकार-से-सरकार (G2G) समझौतों के तहत भेजी जाने वाली खेपों को भी अनुमति दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन खेपों की लोडिंग अधिसूचना जारी होने से पहले शुरू हो चुकी थी या जिनके शिपिंग बिल पहले ही दाखिल किए जा चुके थे, उन्हें निर्धारित शर्तों के तहत निर्यात की अनुमति मिलेगी। वहीं, जिन कंसाइनमेंट्स को पहले ही कस्टम अधिकारियों या संबंधित कस्टोडियन को सौंपा जा चुका है, वे भी निर्यात किए जा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में उत्पादन में गिरावट के कारण लगातार दूसरे वर्ष चीनी उत्पादन घरेलू खपत से कम रह सकता है। इसके अलावा अल नीनो की आशंका से आगामी मानसून और अगले सीजन के उत्पादन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
गौरतलब है कि भारत India ब्राजील के बाद दुनिया के सबसे बड़े चीनी निर्यातकों में शामिल है। इससे पहले सरकार ने चीनी मिलों को 1.59 मिलियन मीट्रिक टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी, जिसमें से बड़ी मात्रा में निर्यात पहले ही किया जा चुका है।













