4 July 2026 Fact Recorder
National Desk: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच और तेज कर दी है। शुक्रवार को तीन सदस्यीय एसआईटी ने करीब आठ घंटे तक रामजन्मभूमि परिसर में विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
जांच के दौरान ट्रस्ट के लिए हुई भूमि खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन का सत्यापन किया गया। एसआईटी ने विभिन्न बैंकों के अधिकारियों और नकदी गणना में शामिल स्टेट बैंक के कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ कर भुगतान प्रक्रिया और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच की। साथ ही यह भी परखा जा रहा है कि कहीं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और व्यवस्थापक गोपाल राव से जुड़े संपत्ति विवरणों का भी परीक्षण किया। राज्य सरकार द्वारा जांच की समयसीमा 15 जुलाई तक बढ़ाए जाने के बाद टीम ने जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है।
जांच की आंच अब दर्शन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों तक भी पहुंच गई है। व्हीलचेयर सेवा से जुड़े तीन राइडर और दर्शन सेल के कुछ सुरक्षाकर्मी भी एसआईटी के रडार पर हैं। जांच में सामने आया है कि एक राइडर ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ल से वाहन खरीदने के लिए दो लाख रुपये लिए थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं ये लोग नकदी गणना से जुड़े कर्मियों के लिए माध्यम (कैरियर) के रूप में तो काम नहीं कर रहे थे। इनके अयोध्या स्थित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा, मंदिर में चढ़ाए गए आभूषणों के रखरखाव से जुड़े एक ट्रस्ट कर्मचारी से भी पूछताछ की गई। पुराने आंतरिक ऑडिट रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं से जुड़े कई अहम दस्तावेज एसआईटी ने जब्त कर लिए हैं। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।













