01 May 2026 Fact Recorder
Business Desk: बढ़ती महंगाई और जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब एविएशन सेक्टर पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी दबाव के चलते Air India ने रोजाना लगभग 100 उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है। यह कटौती घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूट्स पर लागू होगी, लेकिन इंटरनेशनल उड़ानों पर इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा।
एयरलाइन फिलहाल रोजाना करीब 1,100 फ्लाइट्स संचालित करती है, लेकिन जून के शेड्यूल में खासकर यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे रूट्स पर सेवाएं कम की जाएंगी। इन रूट्स पर ईंधन लागत सबसे अधिक पड़ रही है, जिससे संचालन घाटे में जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जेट ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हाल के दिनों में भारी वृद्धि हुई है। 1 मई 2026 को मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण ATF की कीमत में 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिल्ली में इसकी कीमत मार्च के मुकाबले लगभग दोगुनी हो चुकी है, जिससे एयरलाइंस की लागत में तेजी से इजाफा हुआ है।
इस संकट को और बढ़ाने वाला एक कारण पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का बंद होना भी है। इसके चलते यूरोप और नॉर्थ अमेरिका जाने वाली उड़ानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे फ्यूल खपत और क्रू खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
एविएशन इंडस्ट्री पहले ही सरकार को चेतावनी दे चुकी है कि यदि लागत कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सेवाओं पर और असर पड़ सकता है। हालांकि घरेलू रूट्स पर कुछ राहत दी गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संचालन अभी भी महंगा बना हुआ है।
ग्लोबल मार्केट में जेट फ्यूल की कीमत अप्रैल के अंत तक 179.46 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो फरवरी के मुकाबले करीब 80% ज्यादा है। चूंकि ईंधन एयरलाइंस की कुल लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, इसलिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर टिकट कीमतों और सेवाओं पर पड़ता है।
बताया जा रहा है कि एयर इंडिया को पहले ही 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। ऐसे में Tata Group और Singapore Airlines पर एयरलाइन को घाटे से बाहर निकालने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।













