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अमेरिका ने भारत को लौटाईं 133 करोड़ की 657 प्राचीन कलाकृतियां, कोहिनूर पर भी तेज हुई बहस

01 May 2026 Fact Recorder

International Desk:  कोहिनूर हीरे को लेकर चल रही वैश्विक चर्चा के बीच अमेरिका ने भारत को बड़ी सांस्कृतिक सौगात दी है। अमेरिका ने तस्करी के जरिए वहां पहुंची भारत की 657 प्राचीन कलाकृतियों को वापस कर दिया है। इन दुर्लभ वस्तुओं की कुल अनुमानित कीमत लगभग 133 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इन कलाकृतियों को तीन चरणों में भारत को सौंपा गया। मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान इन्हें आधिकारिक रूप से भारतीय अधिकारियों को लौटाया गया। अब इन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास की मदद से देश लाया जाएगा। भारत के महावाणिज्यदूत बिनय प्रधान ने इस पहल के लिए अमेरिकी अधिकारियों का आभार जताया।

जांच में सामने आया कि ये कलाकृतियां चोरी और अवैध तस्करी के जरिए अमेरिका पहुंचाई गई थीं। वर्ष 2020 के आसपास अमेरिकी एजेंसियों ने नैन्सी वीनर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में यह भी पता चला कि सुभाष कपूर के साथ मिलकर यह गिरोह भारत से प्राचीन मूर्तियां चोरी कर विदेशों में ऊंचे दामों पर बेचता था।

इस गिरोह का काम बेहद सुनियोजित तरीके से होता था—पहले मंदिरों या पुरातात्विक स्थलों की रेकी की जाती, फिर बिचौलियों के जरिए मूर्तियां चोरी करवाई जातीं और बाद में उन्हें तस्करी के माध्यम से अमेरिका भेज दिया जाता था।

बरामद की गई कलाकृतियों में लाल बलुआ पत्थर से बनी भगवान बुद्ध की अभय मुद्रा वाली प्रतिमा और मध्य प्रदेश के एक मंदिर से वर्ष 2000 में चोरी हुई नृत्य करते भगवान गणेश की प्रतिमा भी शामिल है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन कलाकृतियों को लौटाने की प्रक्रिया नवंबर 2025 में शुरू की गई थी।

इसी बीच कोहिनूर हीरे को लेकर भी बहस तेज हो गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने हाल ही में कहा कि यदि उन्हें ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय से मिलने का अवसर मिलता है, तो वे उनसे भारत का कोहिनूर हीरा वापस करने की मांग करेंगे। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।