01 May 2026 Fact Recorder
Health Desk: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनमें सुनने की क्षमता कम होना भी शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, 60 वर्ष की उम्र के बाद कई लोगों में धीरे-धीरे सुनने की शक्ति कमजोर होने लगती है। इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में Presbycusis कहा जाता है।
Maulana Azad Medical College के ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रवि मेहर के मुताबिक, उम्र बढ़ने के साथ कान के अंदर की संवेदनशील कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और लंबे समय तक तेज शोर में रहना भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
सुनने की क्षमता कम होने के प्रमुख लक्षण:
- सामान्य बातचीत समझने में दिक्कत होना
- लोगों से बार-बार बात दोहराने के लिए कहना
- टीवी या मोबाइल की आवाज साफ न सुन पाना
- भीड़-भाड़ में आवाज समझने में परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि एक बार सुनने की क्षमता कम होने लगे, तो उसे पूरी तरह वापस लाना संभव नहीं होता। हालांकि, समय पर जांच और सही देखभाल से इसकी गति को धीमा किया जा सकता है।
कब जरूरी होती है हियरिंग मशीन?
जब व्यक्ति को रोजमर्रा की बातचीत में ज्यादा दिक्कत होने लगे, बार-बार दूसरों से बात दोहराने को कहना पड़े या हियरिंग टेस्ट में मध्यम से गंभीर स्तर का हियरिंग लॉस सामने आए, तब हियरिंग मशीन (कान की मशीन) का इस्तेमाल फायदेमंद होता है।
हियरिंग मशीन न सिर्फ सुनने की क्षमता को बेहतर बनाती है, बल्कि बढ़ती उम्र में सामाजिक दूरी (सोशल आइसोलेशन) को भी कम करने में मदद करती है।
अगर आपके परिवार में किसी बुजुर्ग में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो समय रहते ईएनटी विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है, ताकि समस्या को बढ़ने से रोका जा सके और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे।













