24 अप्रैल से बदलेगा हिमाचल का मौसम, पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश, बर्फबारी और तेज़ हवाओं के आसार

 22 अप्रैल 2026  Fact Recorder

Himachal Desk:  हिमाचल प्रदेश में 24 अप्रैल से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से 25, 26 और 27 अप्रैल को कई क्षेत्रों में तेज़ हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ स्थानों पर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि 23 अप्रैल तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

पिछले दो दिनों से पड़ रही तेज धूप के कारण प्रदेश के नौ स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। फिर भी बीते दिन की तुलना में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। इन दिनों प्रदेश में गेहूं की कटाई का कार्य जारी है और साफ मौसम से किसानों को राहत मिल रही है। लेकिन आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया, जहां 0.4 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले वर्ष इसी समय यहां तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बीते वर्षों की तुलना में इस समय कम तापमान दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

उधर, रोहतांग दर्रे को खोलने का कार्य भी तेज़ी से जारी है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने ब्यास नाला के हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र से बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया है। यहां दोनों ओर लगभग 20 फीट ऊंची बर्फ की दीवारें बन गई हैं। 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे से होकर गुजरने वाला मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पिछले चार महीनों से बंद पड़ा है।

बीआरओ की टीम सड़क बहाली में जुटी हुई है। मनाली से लगभग 35 किलोमीटर दूर मढ़ी तक बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि आगे के हिस्सों में स्नो कटर और डोजर की मदद से काम जारी है। मनाली की ओर से बीआरओ की टीम मढ़ी से आगे बढ़ चुकी है और अब रोहतांग दर्रे से लगभग 15 किलोमीटर दूर है, जबकि लाहौल की ओर से टीम करीब 12 किलोमीटर दूर पहुंच चुकी है। बीआरओ के कमांडर कर्नल गौरव ने बताया कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो मई के मध्य तक रोहतांग दर्रा और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बहाल किया जा सकता है।