22 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Haryana Desk: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने पूर्व आदेश का पालन न करने पर हरियाणा सरकार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि यह राशि पीजीआई चंडीगढ़ के राहत कोष में जमा करवाई जाए।
मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अदालत ने सरकारी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत तय मानकों के पालन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए कितने विशेष शिक्षक नियुक्त हैं और उनकी संख्या पर्याप्त है या नहीं। साथ ही स्कूल भवनों की स्थिति, लाइब्रेरी और खेल सुविधाओं की उपलब्धता तथा 9 अगस्त 2024 को शुरू हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि राज्य में विशेष शिक्षकों की भारी कमी है। इस पर हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने हस्तक्षेपकर्ताओं को अपनी बात रखने की अनुमति दी, लेकिन उन्हें मामले में औपचारिक पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया।
अब मामले की अगली सुनवाई में हरियाणा सरकार द्वारा दाखिल किए जाने वाले हलफनामे के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।













