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पूर्व AIG राजजीत सिंह हुंदल की सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर की पेशकश, ड्रग तस्करी गठजोड़ मामले में सुनवाई

September 17,2026 Fact Recorder

Chandigarh Desk: पंजाब पुलिस के बर्खास्त पूर्व सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) राजजीत सिंह हुंदल ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करने की पेशकश की है। वह अप्रैल 2023 से फरार चल रहे हैं। उनका मामला पुलिस और कथित ड्रग तस्करी गठजोड़ से जुड़े आरोपों से संबंधित है।

राजजीत सिंह हुंदल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 20 जुलाई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही उन्होंने मामले की जांच पंजाब पुलिस से किसी अन्य जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की है। उनका पक्ष है कि राज्य पुलिस के पास जांच रहने की स्थिति में उन्हें निष्पक्ष जांच नहीं मिल पाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर करने को कहा

10 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान राजजीत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित रावल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल सरेंडर करने के लिए तैयार हैं।

न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मामले की सुनवाई आगे के लिए स्थगित करते हुए राजजीत सिंह हुंदल को इस बीच सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरेंडर करने के बाद वह उचित आवेदन दाखिल कर सकते हैं।

मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी।

2018 की FIR से सामने आया मामला

राजजीत सिंह हुंदल का नाम बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह से जुड़े मामले की जांच के दौरान सामने आया था। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 12 जून 2018 को इंदरजीत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

FIR में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B, 218 और 384 तथा NDPS एक्ट की धाराएं 59 और 39 लगाई गई थीं। जांच आगे बढ़ने के बाद राजजीत सिंह हुंदल को भी मामले में सह-आरोपित बनाया गया।

तीन SIT की रिपोर्ट के बाद हुई थी बर्खास्तगी

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद मामले की जांच के लिए तीन विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन किया गया था। पंजाब सरकार ने इन SIT की रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह हुंदल को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

बर्खास्तगी आदेश में राजजीत और इंदरजीत सिंह के बीच कथित मिलीभगत तथा ड्रग तस्करों को संरक्षण देने के आरोपों का उल्लेख किया गया था।

सरकारी आदेश के अनुसार, राजजीत के तरनतारन SSP के रूप में कार्यकाल और इंदरजीत सिंह के CIA प्रभारी रहने के दौरान NDPS मामलों में 50 से अधिक सैंपल फेल हुए थे। आदेश में SIT की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग और जांच को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए थे।

ड्रग तस्करों को संरक्षण देने के आरोप

बर्खास्तगी आदेश में राजजीत सिंह हुंदल पर पद का कथित दुरुपयोग करते हुए ड्रग तस्करों को कानून की पकड़ से बचाने और निर्दोष लोगों को झूठे ड्रग मामलों में फंसाने के आरोप लगाए गए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट में उनके सरेंडर की पेशकश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे की न्यायिक प्रक्रिया सरेंडर और आगामी सुनवाई के बाद आगे बढ़ेगी।