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जिला मजिस्ट्रेट ने कुएं/बोरवेल की खुदाई को लेकर दिशा-निर्देश किए जारी साइबर कैफे में पहचान पत्र अनिवार्य करने के आदेश

कार्यालय जिला जन संपर्क अधिकारी, बरनाला

बरनाला, 23 मई  2025 ,FACT RECORDER

जिला मजिस्ट्रेट बरनाला श्री टी. बेनिथ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि भूमि मालिकों को कुआं या बोरवेल खुदवाने से कम से कम 15 दिन पहले अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास), बरनाला से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

सभी एजेंसियां—सरकारी, अर्ध-सरकारी या निजी—जो कुएं या बोरवेल की खुदाई या मरम्मत करती हैं, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कार्यकारी अभियंता (वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन विभाग) और शहरी क्षेत्रों में कार्यकारी अभियंता (वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड) से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण या लिखित अनुमति के कोई भी एजेंसी बोरवेल नहीं खोद सकेगी।

जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी कहा कि बोरवेल लगाने वाली जगह पर संबंधित मालिक को एजेंसी का पता और अपना पता साइन बोर्ड पर लिखवाना जरूरी होगा, साथ ही बोरवेल वाली जगह पर काँटेदार तार या किसी अन्य प्रकार की बैरिकेडिंग करना भी आवश्यक होगा। यदि पंप की मरम्मत करनी हो तो बोरवेल को खुला नहीं छोड़ा जाएगा।

बोरवेल का ढक्कन केसिंग पाइप के साथ नट-बोल्ट से मजबूती से लगा होना चाहिए। बोरवेल बनने के बाद उसके चारों ओर जमीन के तल से ऊपर तक सीमेन्ट और कंक्रीट का प्लेटफॉर्म बनाना अनिवार्य होगा। उपयोग के बाद बोर को मिट्टी से अच्छी तरह भरना होगा। निष्क्रिय या बंद बोर को चिकनी मिट्टी, पत्थर या कंक्रीट आदि से नीचे से ऊपर तक भरकर बंद करना सुनिश्चित किया जाए। बोर की खुदाई का काम समाप्त होने पर ज़मीन की स्थिति पहले जैसी बहाल करना जरूरी होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि डीडीपीओ बरनाला पूरे ज़िले के बोरवेल/कुएं की जानकारी ग्राम सरपंचों से एकत्र कर अपने कार्यालय में रिकॉर्ड रखेंगे।

साइबर कैफे पर आदेश:
एक अन्य आदेश में जिला मजिस्ट्रेट ने ज़िले के सभी साइबर कैफे मालिकों को निर्देश दिए हैं कि अज्ञात व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के कैफे इस्तेमाल करने की अनुमति न दी जाए। प्रत्येक ग्राहक के लिए विशेष रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा जिसमें वह व्यक्ति अपने हाथ से नाम, पता, फोन नंबर और उद्देश्य लिखेगा और हस्ताक्षर भी करेगा।

कैफे मालिक को उपयोगकर्ता की पहचान वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, फोटोयुक्त क्रेडिट कार्ड आदि से सत्यापित करनी होगी।
सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड मुख्य सर्वर में कम से कम छह महीने तक रखा जाएगा। किसी व्यक्ति पर संदेह होने पर कैफे मालिक तुरंत पुलिस को सूचना देगा। उपयोग किए गए कंप्यूटर का रिकॉर्ड संभालकर रखना भी जरूरी होगा।

ये आदेश 18 जुलाई 2025 तक लागू रहेंगे।