September 08,2026 Fact Recorder
National Desk: सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने से 7 लोगों की मौ*त के बाद राजधानी में छात्र आवास की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मामले में स्वतंत्र जांच, अधिकारियों की जवाबदेही और सुरक्षित छात्र आवास समेत सात प्रमुख मांगें रखी हैं।
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम इलाके सत्य निकेतन में बहुमंजिला PG इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हादसे के बाद राजधानी में अवैध निर्माण, PG की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के सामने सात प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी ने सिर्फ PG मालिक के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय पूरे कथित PG नेटवर्क की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
CJP की 7 प्रमुख मांगें
1. PG माफिया की स्वतंत्र आपराधिक जांच
CJP ने PG मालिक के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ स्वतंत्र आपराधिक जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच में कथित तौर पर PG मालिकों, नेताओं और अन्य लोगों के बीच संभावित गठजोड़ की भी पड़ताल होनी चाहिए।
2. छात्र आवासों का स्ट्रक्चरल ऑडिट
पार्टी ने स्कूल, कॉलेज, PG और छात्रों के आवास वाली इमारतों का समयबद्ध इंजीनियरिंग-ग्रेड स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की है। नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों को सील करने और जिम्मेदार मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। साथ ही हादसे से प्रभावित छात्रों के पुनर्वास की बात कही गई है।
3. PG की सुरक्षा का सार्वजनिक डेटाबेस
CJP ने ऐसा सार्वजनिक डेटाबेस बनाने की मांग की है, जहां छात्र और उनके परिवार यह जांच सकें कि कोई PG या छात्र आवास सरकारी तौर पर स्वीकृत है या नहीं और उसकी सुरक्षा स्थिति क्या है।
4. छात्रों के लिए सरकारी हॉस्टल
पार्टी ने दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अन्य छात्रों के लिए स्वायत्त सरकारी हॉस्टल बनाने की मांग की है। CJP का कहना है कि सुरक्षित और किफायती सरकारी आवास उपलब्ध होने से छात्रों की अनियमित PG व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी।
5. मृतकों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा
CJP ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को ₹1 करोड़ तक मुआवजा देने की मांग की है। वहीं घायलों के लिए ₹20 लाख तक की आर्थिक सहायता की मांग रखी गई है।
6. 13 जिला समितियों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
पार्टी ने 3 जून 2026 को मालवीय नगर में होटल में आग लगने की घटना के बाद गठित 13 जिला समितियों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। CJP ने सत्य निकेतन से संबंधित सर्वेक्षण और प्रवर्तन रिपोर्ट भी 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
7. मंत्रिस्तरीय जवाबदेही तय करने की मांग
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने शहरी विकास, नियोजन और शिक्षा मंत्री आशीष सूद से सवाल किया कि जिला समितियों की कार्रवाई कथित तौर पर धीमी या बंद क्यों हुई।
हाईकोर्ट ने भी दिए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश
सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने MCD को मामले की उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसी घटना के लिए सिर्फ PG मालिक को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। विश्वविद्यालय अधिकारियों और MCD की भूमिका की भी जांच जरूरी है।
कोर्ट ने यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि ढही हुई इमारत का निर्माण वैध था या नहीं और क्या उसके लिए जरूरी अनुमतियां ली गई थीं। साथ ही अधिकारियों की ओर से किसी तरह की लापरवाही या चूक पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा गया है।
हादसे के बाद PG के मालिक, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब जांच के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही और दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित आवास व्यवस्था पर भी नजर रहेगी।













