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NSE IPO से पहले बड़ा दांव, एंकर निवेशकों से जुटाए ₹6,746 करोड़; LIC सबसे बड़ी खरीदार

September 17,2026 Fact Recorder

Business Desk: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange of India (NSE) का आईपीओ 17 सितंबर 2026 से आम निवेशकों के लिए खुल रहा है। इससे पहले एंकर निवेशकों ने इश्यू में जोरदार दिलचस्पी दिखाई है। NSE ने एंकर बुक के जरिए ₹6,746.2 करोड़ जुटाए हैं। इसमें घरेलू संस्थागत निवेशकों के साथ कई बड़े विदेशी निवेशकों ने भी हिस्सा लिया है।

NSE ने आईपीओ के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इस इश्यू में 21 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे।

LIC ने लगाया सबसे बड़ा दांव

एंकर निवेशकों में LIC सबसे बड़ी खरीदार के रूप में सामने आई है। LIC के पास पहले से NSE में 10.72 फीसदी हिस्सेदारी है। अब एंकर बुक के तहत LIC ने करीब ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।

इसके अलावा SBI Pension Fund, HDFC Life, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसी बीमा कंपनियों ने भी NSE के एंकर इश्यू में निवेश किया है। इन इंश्योरेंस कंपनियों का कुल निवेश करीब ₹1,081.8 करोड़ बताया गया है।

म्यूचुअल फंड्स ने भी लगाया बड़ा पैसा

घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने भी NSE IPO में मजबूत भागीदारी की है। करीब 98 म्यूचुअल फंड स्कीमों ने एंकर बुक में निवेश किया है। इनका हिस्सा एंकर बुक का लगभग 36.98 फीसदी बताया गया है।

विदेशी निवेशकों की भी भागीदारी

NSE के आईपीओ में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भी दिलचस्पी देखने को मिली है। Government Pension Fund Global ने करीब ₹250 करोड़, Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ और Abu Dhabi Investment Authority ने करीब ₹200 करोड़ का निवेश किया है।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Morgan Stanley और BNP Paribas जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया है।

IPO का पूरा पैसा NSE को नहीं मिलेगा

NSE का यह आईपीओ Offer for Sale (OFS) के तहत आ रहा है। इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम कंपनी के खाते में नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को उनके शेयर बेचने के बदले मिलेगी। इश्यू के तहत कुल 12.64 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं।

कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट

NSE ने अपने कर्मचारियों के लिए भी शेयर आरक्षित किए हैं। कर्मचारियों के लिए करीब ₹70 करोड़ के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। उन्हें अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹170 प्रति शेयर की छूट मिलने की बात कही गई है।

कई सेगमेंट में NSE की मजबूत हिस्सेदारी

जून 2026 को समाप्त तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कैश मार्केट में NSE की हिस्सेदारी 93.05 फीसदी रही। इक्विटी फ्यूचर्स में यह हिस्सेदारी 99.72 फीसदी, जबकि इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी बताई गई है। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में NSE की हिस्सेदारी 100 फीसदी रही।

आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों को 22 सितंबर को शेयर अलॉटमेंट की उम्मीद है, जबकि 24 सितंबर को BSE पर शेयरों की लिस्टिंग संभावित है।