September 08,2026 Fact Recorder
Business Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद भारत में गोल्ड इंपोर्ट में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। मई से अगस्त के बीच आयात में कमी बढ़ती गई। हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे सिर्फ पीएम मोदी की अपील नहीं, बल्कि ऊंची कीमतें और इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव भी बड़ी वजह हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से सोना खरीदने से पहले सोचने की अपील की है। सरकार का उद्देश्य देश के बढ़ते गोल्ड इंपोर्ट बिल को कम करना और भारतीय घरों में पड़े सोने को अर्थव्यवस्था में इस्तेमाल के लिए लाना है।
अब सवाल यह है कि क्या पीएम मोदी की अपील का वास्तव में सोने की खरीद और आयात पर असर पड़ा है? उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि मई के बाद भारत के गोल्ड इंपोर्ट में लगातार गिरावट देखने को मिली।
मई के बाद लगातार घटा गोल्ड इंपोर्ट
मई 2026 में भारत का सोने का आयात सालाना आधार पर करीब 4 फीसदी घटकर 29.4 टन रह गया, जबकि पिछले साल मई में यह आंकड़ा 30.6 टन था।
इसके बाद गिरावट और तेज हुई। Metals Focus के आंकड़ों के मुताबिक जून में गोल्ड इंपोर्ट करीब 20 फीसदी, जुलाई में 23.7 फीसदी और अगस्त में लगभग 30 फीसदी कम रहा।
यानी मई से अगस्त तक सोने के आयात में गिरावट का सिलसिला लगातार बढ़ता गया। यही वजह है कि अब सरकार और बुलियन इंडस्ट्री की नजर सितंबर के आंकड़ों पर टिकी हुई है।
सिर्फ PM मोदी की अपील ही वजह नहीं
हालांकि, गोल्ड इंपोर्ट में आई गिरावट को सिर्फ प्रधानमंत्री की अपील से जोड़ना सही नहीं होगा। सोने पर बढ़ी कस्टम ड्यूटी और लगातार ऊंची कीमतों का भी मांग पर असर पड़ा है।
महंगे सोने के कारण ग्राहकों ने खरीदारी में कटौती की है। इसके अलावा इंपोर्टेड गोल्ड की लागत बढ़ने से आयात की मात्रा भी प्रभावित हुई है।
मई में पीएम मोदी ने क्या कहा था?
मई में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सोना खरीदने पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके पीछे देश के इंपोर्ट बिल और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करना एक अहम उद्देश्य बताया गया था।
पिछले सप्ताह पीएम मोदी ने एक बार फिर इसी तरह की अपील की। ऐसे में इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सितंबर में भी गोल्ड इंपोर्ट में कमी देखने को मिल सकती है।
India Bullion & Jewellers Association के मुताबिक सितंबर में सोने के आयात में करीब 15 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है।
घरों में 31 हजार टन सोना!
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदारों में शामिल है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अनुमान के मुताबिक भारतीय घरों में करीब 31,000 टन सोना मौजूद है।
सरकार की कोशिश है कि घरों में निष्क्रिय पड़े इस सोने को अर्थव्यवस्था में अधिक उत्पादक तरीके से इस्तेमाल किया जाए। इससे नए सोने के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
साल की शुरुआत में तेजी से बढ़ा था इंपोर्ट
दिलचस्प बात यह है कि 2026 की शुरुआत में भारत के गोल्ड इंपोर्ट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी।
जनवरी में सोने का आयात सालाना आधार पर 171.6 फीसदी बढ़कर 99.4 टन पहुंच गया था। फरवरी में भी आयात 66 टन रहा, जो पिछले साल के 30.8 टन के मुकाबले काफी अधिक था।
इसके बाद मार्च में आयात घटकर 34.9 टन और अप्रैल में बढ़कर 45.6 टन हुआ। मई के बाद से इसमें लगातार गिरावट का दौर देखने को मिला।
अब सितंबर के आंकड़ों पर नजर
भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है। ऐसे में गोल्ड इंपोर्ट में लगातार कमी देश के व्यापार घाटे और करंट अकाउंट पर दबाव कम करने में मदद कर सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल सितंबर के आंकड़ों को लेकर है। अगर इस महीने भी सोने के आयात में बड़ी गिरावट आती है, तो यह संकेत मिल सकता है कि महंगे सोने, सरकारी नीतियों और प्रधानमंत्री की अपील का मिलाजुला असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ रहा है।













