8 July 2026 Fact Recorder
National Desk: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विशेष जांच दल (SIT) की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की गणना से जुड़े कई सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया, जिससे अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई। पुलिस को कुछ बैंक कर्मचारियों की संभावित भूमिका से जुड़े भी अहम सुराग मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा वित्तीय प्रबंधन, नकदी संग्रह और गणना प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आरोप है कि गणनाकर्मियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड, बायोमीट्रिक सत्यापन और तलाशी जैसे सुरक्षा प्रावधानों में ढील दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया कमजोर हुई। इन बिंदुओं को लेकर कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
बैंक की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने दावा किया कि बैंक की सलाह पर जमीन की बजाय मेज-कुर्सियों पर बैठकर दान की गणना शुरू की गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। घटना सामने आने के बाद फिर से जमीन पर बैठकर गणना कराने की व्यवस्था लागू कर दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैंक के चेस्ट रूम में लागू होने वाले कई सुरक्षा मानकों, जैसे बिना जेब वाले कपड़े, प्रवेश-निकास पर तलाशी और अन्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं कराया गया। साथ ही, गणना कार्य में हाउसकीपिंग स्टाफ को लगाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
SIT को भेजा गया पत्र
चंपत राय ने एसआईटी को भेजे पत्र में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को पूरी प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी 2025 को जारी दिशा-निर्देशों से वह सहमत नहीं थे और उन्हें इसकी जानकारी बाद में मिली। उन्होंने यह भी कहा कि इतने महत्वपूर्ण दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर न होना कई सवाल खड़े करता है।
40 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर
चढ़ावा चोरी और गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को अदालत ने 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड दी है। जांच एजेंसियां अब कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच का दायरा सराफा कारोबार और कुछ जमीन सौदों तक भी पहुंच चुका है।













