बच्चों में विटामिन D की कमी से बढ़ सकता है रिकेट्स और कमजोर हड्डियों का खतरा

20 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Lifestyle Desk:  बच्चों में विटामिन D की कमी होने पर सबसे बड़ा असर हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। लंबे समय तक कमी रहने पर बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हड्डियां मुलायम और कमजोर हो जाती हैं, जिससे टांगें टेढ़ी होना, कलाई और टखनों में सूजन, चलने में देरी और लंबाई का विकास रुकना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विटामिन D की कमी से बच्चों में इन समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है:

  • हड्डियों में दर्द और बार-बार फ्रैक्चर
  • मांसपेशियों की कमजोरी और जल्दी थकान
  • दांत देर से निकलना या दांत कमजोर होना
  • बार-बार सर्दी-जुकाम और संक्रमण, क्योंकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है
  • छोटे बच्चों में कैल्शियम कम होने के कारण मांसपेशियों में ऐंठन या दौरे पड़ना

बच्चों में विटामिन D की कमी के सामान्य लक्षणों में हड्डियों या पैरों में दर्द, कमजोरी, देर से चलना, चिड़चिड़ापन, बार-बार बीमार पड़ना और बहुत जल्दी थक जाना शामिल हैं।

विटामिन D की कमी पूरी करने के लिए ये उपाय मददगार हैं:

  • रोजाना 10–20 मिनट सुबह या शाम की हल्की धूप में खेलने दें।
  • खाने में दूध, अंडा, मछली, फोर्टिफाइड सीरियल और दही शामिल करें।
  • छोटे बच्चों, खासकर केवल मां का दूध पीने वाले शिशुओं को डॉक्टर की सलाह से विटामिन D ड्रॉप्स या सप्लीमेंट दिए जा सकते हैं।
  • यदि बच्चा बहुत कम धूप में जाता है या बार-बार हड्डियों में दर्द/कमजोरी की शिकायत करता है, तो डॉक्टर से विटामिन D और कैल्शियम की जांच करानी चाहिए।