1 August 2026 Fact Recorder
Bollywood Desk: दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर प्लेबैक सिंगर जमुना रानी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 30 जुलाई को बेंगलुरु में अंतिम सांस ली। उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनका निधन हुआ। उनके निधन से दक्षिण भारतीय फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जमुना रानी ने तीन दशकों से अधिक लंबे अपने संगीत करियर में तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और सिंहली भाषाओं की फिल्मों में 6,000 से अधिक गीत गाए। 1950 और 1960 के दशक में वह दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय और चर्चित प्लेबैक गायिकाओं में शामिल थीं।
उन्होंने अपने दौर के कई दिग्गज कलाकारों के लिए अपनी आवाज दी और टी. एम. साउंडरराजन, जे. पी. चंद्रबाबू और पी. बी. श्रीनिवास जैसे प्रसिद्ध गायकों के साथ भी काम किया। इसके अलावा उनका नाम त्रावणकोर सिस्टर्स ललिता और पद्मिनी से भी जुड़ा रहा।
जमुना रानी के कई गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उनके चर्चित गीतों में ‘कालाई वयसु कट्टाना मनसु’, ‘पात्तोन्द्रु केट्टेन’, ‘परवसम आनें’, ‘कुंगुमापूवे कोंजुम पुरावे’, ‘मामा मामा मामा’ और ‘आथिमानिथन कथालुक्कुपिन’ शामिल हैं। उनकी भावपूर्ण गायकी और लोक संगीत पर मजबूत पकड़ ने उन्हें दक्षिण भारतीय संगीत जगत की विशिष्ट पहचान दिलाई।
बाद के वर्षों में संगीतकार इलैयाराजा ने कमल हासन की फिल्म ‘नायकन’ के गीत ‘नान सिरिथल दीपावली’ में उन्हें एम.एस. राजेश्वरी के साथ गाने का अवसर दिया, जिससे उनकी आवाज नई पीढ़ी के श्रोताओं तक भी पहुंची।
जमुना रानी के निधन से दक्षिण भारतीय संगीत जगत ने अपनी एक अमूल्य आवाज खो दी है। उनके हजारों गीत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा उनकी विरासत के रूप में याद किए जाएंगे।













