1 August 2026 Fact Recorder
National Desk: अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदल गए हैं। इनका सीधा असर आम लोगों, नौकरीपेशा, कारोबारियों और बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों, रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग, आयकर रिटर्न (ITR), बैंकिंग सेवाओं, क्रेडिट कार्ड, CKYC और GST नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। आइए जानते हैं आज से लागू हुए 8 बड़े बदलाव।
1. कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता
तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 202 रुपये की कटौती की है। इसके बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 2,728 रुपये और कोलकाता में 2,872.50 रुपये हो गई है। हालांकि घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
2. तत्काल टिकट बुकिंग में नया टोकन सिस्टम
भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर भीड़ कम करने के लिए नया नियम लागू किया है। अब तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय यात्रियों को टोकन जारी किए जाएंगे, जिसके आधार पर ही उन्हें लाइन में लगकर टिकट मिलेगा। इससे अव्यवस्था और लंबी कतारों पर नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।
3. बैंकिंग सेवाओं और SMS चार्ज में बदलाव
कई बैंकों ने 1 अगस्त से अपनी सर्विस चार्ज और एसएमएस अलर्ट फीस में बदलाव किया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक समेत कुछ बैंकों ने खाते से जुड़े मैसेज पर लगने वाले शुल्क को संशोधित किया है। ग्राहकों को नए शुल्क की जानकारी अपने बैंक से जरूर लेनी चाहिए।
4. कई सामान हो सकते हैं महंगे
बढ़ती कच्चे माल की लागत और वैश्विक परिस्थितियों के चलते बाजार में कई उत्पादों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। चायपत्ती, कपड़े, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, साबुन और कारों जैसी वस्तुओं के दाम 4 से 6 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।
5. ITR भरने पर अब लगेगी लेट फीस
आयकर रिटर्न (ITR-1 और ITR-2) दाखिल करने की निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब जो करदाता रिटर्न दाखिल करेंगे, उन्हें बिलेटेड ITR भरनी होगी और 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है।
6. क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
कई प्रमुख बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। रिवॉर्ड प्वाइंट, वार्षिक शुल्क और अन्य सर्विस चार्ज में बदलाव किए गए हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई शर्तों की जांच करने की सलाह दी गई है।
7. CKYC 2.0 की शुरुआत
बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड क्षेत्र में CKYC 2.0 लागू हो गया है। इसके जरिए ग्राहक की डिजिटल सहमति मिलने पर संस्थान केंद्रीय डेटाबेस से सीधे दस्तावेज सत्यापित कर सकेंगे। इससे बार-बार KYC दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी और प्रक्रिया पहले से अधिक आसान बनेगी।
8. GST और ई-इनवॉइस नियम हुए सख्त
व्यापारियों के लिए GST ई-इनवॉइस और ई-वे बिल सिस्टम में बदलाव लागू किए गए हैं। अब ‘बिल-टू-शिप-टू’ लेनदेन में ‘शिप-टू GSTIN’ की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य टैक्स चोरी पर रोक लगाना और कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
1 अगस्त से लागू हुए ये बदलाव आम उपभोक्ताओं, नौकरीपेशा लोगों, बैंक ग्राहकों और व्यापारियों के दैनिक जीवन पर प्रभाव डालेंगे। इसलिए बैंकिंग, टैक्स, रेलवे और कारोबारी नियमों से जुड़े नए प्रावधानों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी या अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।













