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UP Budget 2026: मोबाइल हेल्थ वैन से कैंसर-डायबिटीज इलाज तक, स्वास्थ्य सेक्टर को मिला बड़ा बूस्ट

12 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत ₹9.12 लाख करोड़ के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को खास तवज्जो दी गई है। इस बार हेल्थ सेक्टर के लिए ₹37,956 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है। इससे साफ है कि योगी सरकार प्रदेश को ‘स्वस्थ यूपी’ बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है।

बजट में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। आयुष्मान भारत योजना, जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, गंभीर बीमारियों के इलाज और टीकाकरण कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि आम लोगों को बेहतर और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मजबूत सुरक्षा
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम को सभी जिलों में और प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को ‘कैशलेस और सुरक्षित डिलीवरी’ की सुविधा देना है। वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हर ब्लॉक में मेडिकल टीमें तैनात कर बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है, ताकि बीमारियों की पहचान समय रहते हो सके।

श्रमिकों के लिए मोबाइल हेल्थ वैन
सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोबाइल हेल्थ वैन शुरू की है। ये वैन सीधे कार्यस्थलों पर जाकर श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी और जरूरी परामर्श देंगी। इसके साथ ही पल्स पोलियो अभियान और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे संक्रामक रोगों के खिलाफ टीकाकरण को भी मजबूती दी गई है।

आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को महंगे इलाज से राहत देने के लिए आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब 49.22 लाख से अधिक परिवारों को कवर किया गया है। इसके लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और डिजीज सर्विलांस पर फोकस
प्रदेश के सभी 75 जिलों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिससे लोगों को जिला स्तर पर ही परामर्श और इलाज मिल सके। साथ ही ‘एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल’ को मजबूत किया गया है, जिससे संक्रामक और वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियों पर बेहतर निगरानी संभव हो सके।

ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को बड़ी मजबूती
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब ₹8,641 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। इससे प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की नियुक्ति में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, यूपी बजट 2026-27 स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने का रोडमैप पेश करता है। कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक, यह बजट प्रदेश को एक ‘स्वस्थ और विकसित यूपी’ बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।