11 July 2026 Fact Recorder
National Desk: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी द्वारा पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद दतिया में बड़ा बवाल हो गया। नाराज समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।
हाईवे पर पथराव और तोड़फोड़
प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जब पुलिस ने रास्ता खाली कराने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना में दतिया के पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से हाईवे खाली कराया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
नरोत्तम मिश्रा की समर्थकों से अपील
घटना के बाद नरोत्तम मिश्रा का पहला बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि टिकट देना या न देना पार्टी का निर्णय है और सभी कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो का भी जिक्र किया, जिनमें कुछ कार्यकर्ता आत्मदाह जैसी हरकतों की कोशिश करते दिखाई दिए। मिश्रा ने कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने के उचित मंच हैं और विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
जिला प्रशासन ने क्या कहा?
दतिया के जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखड़े के अनुसार, हाईवे पर करीब 11 से 12 घंटे तक जाम लगा रहा, जिसमें बसें और एक एंबुलेंस भी फंस गई थीं। प्रशासन ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस पर पथराव शुरू होने के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया।
दतिया में धारा 163 लागू
घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगा दी गई है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।













