28 September 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज सोमवार के साथ पितृपक्ष की द्वितीया तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज उन दिवंगत परिजनों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनका निधन शुक्ल या कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को हुआ हो। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा और व्रत का भी विशेष महत्व माना जाता है। आज रेवती नक्षत्र के बाद अश्विनी नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे।
पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण का दिन
आज पितृपक्ष की द्वितीया तिथि होने के कारण श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म किए जा सकते हैं। परंपरा के अनुसार श्राद्ध कर्म दोपहर के समय किया जाता है। श्रद्धानुसार ब्राह्मण भोजन और दान-पुण्य भी किया जाता है।
सोमवार को भगवान शिव की पूजा का महत्व
सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना को विशेष फलदायी माना जाता है। सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लिया जा सकता है। इसके बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। श्रद्धा के अनुसार दूध या पंचामृत से अभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प और अक्षत अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
आज का पंचांग, 28 सितंबर 2026
- तिथि: द्वितीया शाम 7:13 बजे तक, इसके बाद तृतीया
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- वार: सोमवार
- नक्षत्र: रेवती सुबह 10:16 बजे तक, फिर अश्विनी
- करण: तैतिल सुबह 8:08 बजे तक, गर शाम 7:13 बजे तक, इसके बाद वणिज
- योग: ध्रुव सुबह 8:54 बजे तक, इसके बाद व्याघात
- चंद्र राशि: मीन, इसके बाद मेष
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:13 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:12 बजे
- चंद्रोदय: शाम 7:05 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 7:35 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 7:57 बजे से 9:29 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:12 बजे से 3:00 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:12 बजे से 6:36 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:49 बजे से 12:37 बजे तक, 29 सितंबर
शिववास: शाम 7:13 बजे तक सभा में, इसके बाद क्रीड़ा में।
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: सुबह 7:43 बजे से 9:13 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:42 बजे से 3:12 बजे तक
- आडल योग: सुबह 6:13 बजे से 10:16 बजे तक
- विडाल योग: सुबह 10:16 बजे से 29 सितंबर सुबह 6:14 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:36 बजे से 1:24 बजे तक
- गण्ड मूल: पूरे दिन
- पंचक काल: सुबह 6:13 बजे से 10:16 बजे तक
- दिशाशूल: पूर्व दिशा
धार्मिक मान्यता: पंचांग में दिए गए मुहूर्त और धार्मिक विधियां परंपराओं एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग पंचांगों और स्थानों के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।











