14 Jul 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: वैदिक पंचांग के अनुसार मंगलवार, 14 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज आषाढ़ कृष्ण अमावस्या दोपहर 3:12 बजे तक रहेगी, इसके बाद आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा। अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
आज का पंचांग
- दिन: मंगलवार
- मास: आषाढ़
- पक्ष: कृष्ण पक्ष (दोपहर 3:12 बजे तक), इसके बाद शुक्ल पक्ष
- तिथि: अमावस्या दोपहर 3:12 बजे तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा
- विक्रम संवत: 2083
योग और करण
- योग: व्याघात योग प्रातः से दोपहर 11:57 बजे तक, इसके बाद हर्षण योग
- करण: नाग करण दोपहर 3:12 बजे तक
- इसके बाद: किस्तुघ्न करण 15 जुलाई तड़के 1:29 बजे तक, फिर बव करण
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः 5:33 बजे
- सूर्यास्त: सायं 7:21 बजे
- चंद्रोदय: अमावस्या होने के कारण आज चंद्रोदय नहीं होगा।
- चंद्रास्त: सायं 7:32 बजे
ग्रहों की स्थिति
- सूर्य: मिथुन राशि में
- चंद्रमा: सायं 6:48 बजे तक मिथुन राशि में, इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक
- अमृत काल: रात्रि 10:01 बजे से 11:27 बजे तक
आज के अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 3:54 बजे से 5:38 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक
- यमगण्ड काल: सुबह 9:00 बजे से 10:43 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज पुनर्वसु नक्षत्र मध्यरात्रि 12:09 बजे (15 जुलाई) तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा।
- नक्षत्र स्वामी: बृहस्पति
- देवता: अदिति
- प्रतीक: धनुष और तरकश
पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे या इस नक्षत्र के प्रभाव वाले लोग सामान्यतः आशावादी, विद्वान, धार्मिक, दयालु, आत्मविश्वासी और कुशल वक्ता माने जाते हैं। यह नक्षत्र नए कार्यों की योजना, आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।













