पंजाब कला परिषद द्वारा पद्म श्री डॉ. रतन सिंह जग्गी मेमोरियल चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से प्रदान किया जायेगा सम्मान
चंडीगढ़, 16 जुलाई 2026 Fact Recorder
प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रतन सिंह जग्गी का नाम पंजाबी-हिंदी तथा गुरमति एवं भक्ति आंदोलन साहित्य के प्रतिष्ठित विद्वानों/विशेषज्ञों में गिना जाता है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मध्यकालीन साहित्य का विभिन्न दृष्टिकोणों से अध्ययन करने तथा सिख गुरु साहिबान की बाणी और भक्ति आंदोलन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर शोध करने के लिए समर्पित करके उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके प्रमुख कार्यों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब और श्री दशम ग्रंथ साहिब की हिंदी और पंजाबी में संपूर्ण व्याख्या, गुरु नानक बाणी की व्याख्या, श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्वकोश, सिख पंथ विश्वकोश, तुलसी रामायण का पंजाबी में लिप्यंतरण एवं अनुवाद, पंजाबी साहित्य का स्रोत मूलक इतिहास सहित लगभग 150 पुस्तकें शामिल हैं। वर्ष 2023 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए ‘पद्म श्री’ सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें साहित्य अकादमी, दिल्ली का राष्ट्रीय पुरस्कार तथा पंजाब सरकार का सर्वोच्च सम्मान “पंजाबी साहित्य शिरोमणि पुरस्कार” और कई अन्य उच्च स्तरीय सम्मान/पुरस्कार प्राप्त करने का गौरव भी प्राप्त है।
संक्षेप में, डॉ. रतन सिंह जग्गी का साहित्य के क्षेत्र में योगदान वास्तव में अत्यंत उत्कृष्ट स्तर का है और निस्संदेह वे साहित्य जगत के अनमोल रत्न थे तथा उनकी सेवाओं की निशानियाँ संपूर्ण मानव जाति की विरासत का सदैव महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहेंगी।













