Home Hindi राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बदला श्रद्धालुओं का भरोसा, सोना-चांदी का...

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बदला श्रद्धालुओं का भरोसा, सोना-चांदी का दान हुआ लगभग बंद

16 July 2026 Fact Recorder 

National Desk:  अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं की आस्था तो बरकरार है, लेकिन दान देने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां श्रद्धालु भावनाओं में बहकर सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सिक्के दानपात्र में अर्पित कर देते थे, वहीं अब ऐसे चढ़ावे लगभग बंद हो गए हैं।

मंदिर में चढ़ावा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में दानपात्र से एक भी बहुमूल्य आभूषण नहीं मिला। अब श्रद्धालु नकद दान तो कर रहे हैं, लेकिन कीमती वस्तुएं चढ़ाने से बच रहे हैं। बड़े नोटों की जगह छोटे नोटों का दान भी बढ़ा है।

चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। अब यदि कोई श्रद्धालु सोना-चांदी या अन्य बहुमूल्य वस्तु दान करता है तो उसका नाम, पता और आभूषण का पूरा विवरण दर्ज किया जाता है। पहले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।

इधर, चढ़ावा गणना का काम भी कर्मचारियों की कमी के कारण प्रभावित हो रहा है। 23 कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के बाद फिलहाल केवल 13 कर्मचारी ही सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार गणना कर रहे हैं। बैंक अधिकारियों को भी काउंटिंग प्रक्रिया में सहयोग देना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि काम का बोझ बढ़ गया है, लेकिन वेतन और सुविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की भूमिका से जुड़े पहलुओं की भी जांच की है। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इस बीच, मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को अयोध्या विकास प्राधिकरण ने निर्माणाधीन भवन से संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए सात दिन का समय दिया है। निर्धारित समय में दस्तावेज नहीं देने पर भवन के खिलाफ सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।