2 July 2026 Fact Recorder
Business Desk: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजार पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 377.40 अंक की बढ़त के साथ 77,269.54 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 106.70 अंक चढ़कर 24,113.25 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे मजबूत होकर 94.90 के स्तर पर पहुंच गया।
तेल की कीमतों में गिरावट बनी तेजी की बड़ी वजह
विश्लेषकों के अनुसार, ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इसी सकारात्मक माहौल का असर शेयर बाजार में खरीदारी के रूप में देखने को मिला।
आईटी और अदाणी समूह के शेयरों में जोरदार खरीदारी
कारोबार की शुरुआत में आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी रही।
- इन्फोसिस के शेयर करीब 3 फीसदी तक उछले।
- अदाणी एंटरप्राइजेज में लगभग 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
इन दिग्गज शेयरों में खरीदारी से बाजार का सेंटीमेंट मजबूत बना रहा।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंग सेंग और जापान का टॉपिक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट में रहा। यूरोपीय और अमेरिकी फ्यूचर्स में भी सीमित बढ़त देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजार को सकारात्मक समर्थन मिला।
विशेषज्ञों की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निफ्टी 23,800 से 24,200 के दायरे में कारोबार कर सकता है। जब तक यह इस रेंज से निर्णायक रूप से बाहर नहीं निकलता, तब तक निवेशकों को स्टॉक-विशिष्ट रणनीति अपनानी चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी है। हालांकि, आगे बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और प्रमुख सेक्टर्स के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहते हुए चुनिंदा शेयरों में निवेश करना बेहतर रणनीति मानी जा रही है।













