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सुरक्षित रक्त की पहुंच आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ब्लड डोनेशन वैन की लेगी मदद : आरती सिंह राव

दवाओं व टीकों के सुरक्षित भंडारण, बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन और निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु डीजल जनरेटर सेटों का किया जायेगा प्रबंध

“विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति” की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण फैसले

चंडीगढ़, 30 सितंबर 2026 Fact Recorder

Haryana Desk:  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में “विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति” (SHPPC) की बैठक में राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने, आवश्यक दवाओं व चिकित्सा आपूर्ति को सुगम बनाने तथा मरीज देखभाल सेवाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

इस बैठक के दौरान रक्तदान और ट्रांसफ्यूजन सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जिला अस्पतालों के लिए लगभग 4.18 करोड़ रुपये की लागत से 9 ब्लड डोनेशन वैन के दो साल के रेट कॉन्ट्रैक्ट को अंतिम रूप दिया गया, जिससे विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और सुरक्षित रक्त की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सिविल अस्पताल, करनाल में पीपीपी मोड के तहत सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन सेवाओं की दरें भी तय कर दी गई, जिससे मरीजों को सस्ती एवं आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

ड्रग वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए दवाओं व टीकों के सुरक्षित भंडारण, बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन और निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु 274 स्टार्टर्स व एक्सटेंशन रैक के लिए लगभग 1.94 करोड़ रुपये तथा 9 डीजल जनरेटर सेटों (50 KVA) के लिए लगभग 86.23 लाख रुपये के दो वर्षीय अनुबंध को अंतिम रूप दिया गया। नेत्र विज्ञान और ईएनटी जांच व सर्जिकल सेवाओं को उन्नत करने के लिए 6 ऑप्टिकल बायोमीटर, 13 ईएनटी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और 6 एडवांस्ड फेको इमल्सीफिकेशन मशीनों की दरें भी लगभग 12.22 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत पर तय की गईं।

गंभीर बीमारियों की रोकथाम और आपातकालीन व्यवस्थाओं के तहत तपेदिक (टीबी) की त्वरित और सटीक जांच के लिए 6.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1,00,000 माइक्रो पीसीआर टीबी टेस्ट किट (ट्रूनेट चिप्स) की दर स्वीकृत की गई, जबकि जिला अस्पतालों में स्थापित पीएसए (PSA) ऑक्सीजन प्लांट्स के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए 8.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया ताकि मेडिकल ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता बनी रहे।

इसके अलावा, पूरे हरियाणा के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्रियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर बजट स्वीकृत किए गए। इसमें नियमित नैदानिक, सर्जिकल और मरीज देखभाल सेवाओं के लिए लगभग 132 करोड़ रुपये के मेडिकल कंज्यूमेबल्स, सरकारी आयुष सुविधाओं में इलाज करा रहे मरीजों के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये की आयुष दवाएं, तथा रेबीज संक्रमण के जोखिम वाले लोगों के समय पर इलाज के लिए 12.10 करोड़ रुपये की एंटी-रेबीज वैक्सीन शामिल हैं। साथ ही, स्कूली बच्चों में एनीमिया रोकथाम कार्यक्रम के तहत वीकली आयरन एंड फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स (WIFS) जूनियर सप्लाई के लिए 3 करोड़ रुपये और गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों में एचआईवी और सिफलिस की शुरुआती जांच के लिए 2.10 करोड़ रुपये के ड्यूल किट्स की दरें तय की गईं।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार के इन सभी फैसलों से राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में दवाओं, टीकों और जांच किटों की किल्लत दूर होगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा और अधिक सशक्त होगा।