चंडीगढ़ 16 May 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk : पंजाब कांग्रेस ने राज्य में चल रही मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। सांसद डॉ. अमर सिंह के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान कई अहम मुद्दे उठाए। प्रतिनिधिमंडल में पीसीसी महासचिव (संगठन) कैप्टन संदीप संधू और गगनदीप सिंह भी शामिल थे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. अमर सिंह और कैप्टन संधू ने कहा कि पंजाब की मतदाता सूचियों में अन्य राज्यों से जुड़े डुप्लीकेट वोटरों की जांच जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश के उन मतदाताओं का मुद्दा उठाया, जहां SIR प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव अधिकारी से आग्रह किया कि इस मामले को भारतीय चुनाव आयोग के समक्ष उठाया जाए, क्योंकि अलग-अलग राज्यों में दर्ज डुप्लीकेट वोटरों की जांच करने का अधिकार केवल चुनाव आयोग के पास है।
पार्टी ने यह मुद्दा भी उठाया कि लगभग 17 प्रतिशत मतदाता अभी तक मैप नहीं किए गए हैं, जिनकी संख्या करीब 34 से 35 लाख बताई जा रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ये मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसे अपील या समाधान के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हटाए गए और नए जोड़े गए वोटरों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करने की भी मांग की गई।
इसके अलावा, बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि पंजाब में इस्तेमाल किए जाने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म अंग्रेजी या हिंदी के बजाय पंजाबी भाषा में उपलब्ध कराए जाएं।









