Home Himachal नशामुक्त मंडी अभियान में जनसहयोग जरूरी : अपूर्व देवगन

नशामुक्त मंडी अभियान में जनसहयोग जरूरी : अपूर्व देवगन

वर्ष 2025 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 321 मामले दर्ज, 509 अभियुक्त गिरफ्तार
मंडी, 5 जनवरी 2026 Fact Recorder
Himachal Desk:  उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज पुलिस लाइन स्थित कामाक्षा हॉल में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, नशा तस्करी के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई, अवैध नशीली खेती, नशामुक्ति तथा जन-जागरूकता से संबंधित प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की गई।
अपूर्व देवगन ने कहा कि नशीले पदार्थों के उपयोग एवं बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने में जन सहयोग एक महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन विभिन्न कानूनों के तहत दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन समाज की सहभागिता के बिना इस अभियान को पूर्ण सफलता नहीं मिल सकती। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि नशे के सेवन, तस्करी अथवा नशा संबंधित गतिविधियों वाले हॉटस्पॉट की जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि नशे की रोकथाम, परामर्श एवं उपचार सेवाओं के लिए नागरिक “ड्रग फ्री हिमाचल” ऐप के साथ-साथ 1800-11-0031, 1933 तथा 14446 नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप नशामुक्त मंडी अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ जिला में सजग एवं ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, सेवन इत्यादि में कोई सरकारी कर्मचारी भी लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर रोक के लिए मजबूत निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने ड्रग निरीक्षक को निर्देश दिए कि प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री रोकने के लिए केमिस्ट शॉप्स का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही उन्होंने प्रशिक्षित अध्यापकों एवं ‘अपना विद्यालय’ योजना के अंतर्गत विद्यालय गोद लेने वाले अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति निरंतर जागरूक करें तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने जानकारी दी कि 1 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत जिले में 321 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 509 अभियुक्त गिरफ्तार हुए। गिरफ्तार अभियुक्तों में 496 पुरुष एवं 13 महिलाएं शामिल हैं। इस अवधि में पुलिस द्वारा 1.323 किलोग्राम अफीम, 1.116.796 किलोग्राम चिट्टा, 66.166.02 किलोग्राम चरस तथा 1686 प्रतिबंधित दवाइयां जब्त की गईं।
उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा नशे के स्रोत पर प्रहार करते हुए 1,61,238 अफीम (पॉपी) के पौधों को नष्ट किया गया। वहीं नवंबर एवं दिसंबर, 2025 के दौरान ही 42 मामलों में 64.87 ग्राम चिट्टा, 08.934 किलोग्राम चरस तथा 2.658 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिला की विभिन्न पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की बैठक भी आज आयोजित की गई। इनमें ग्राम पंचायत धमच्याण, सलापड़, चौंतड़ा, धरमेहड़, रंधाड़ा, भडयाल, सदयाणा तथा लटराण सहित अन्य पंचायतों में भी नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित कर चिट्टा सहित अन्य नशों को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया।