पीएम मोदी बोले-सपने न देखना क्राइम है, लेकिन सिर्फ गुनगुनाते रहना बेकार

शुक्रवार, 06 फरवरी 2026 Fact Recorder

National Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने परीक्षा के तनाव, करियर, सपनों और मेहनत को लेकर खुलकर बात की और छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

“सपने देखो, लेकिन कर्म जरूरी”

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि सपने देखना कोई अपराध नहीं है, बल्कि सपने न देखना ही सबसे बड़ा नुकसान है। लेकिन सिर्फ सपनों को सोचते रहना या गुनगुनाते रहना भी बेकार है। असली सफलता कर्म, मेहनत और निरंतर प्रयास से ही मिलती है।

विकसित भारत का सपना हम सबकी जिम्मेदारी

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इसके लिए युवाओं को कौशल, आत्मविश्वास और अच्छी सेहत पर ध्यान देना होगा। उन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ को अपनाने, स्वच्छता और समय की अहमियत समझने पर भी जोर दिया।

शिक्षकों और पढ़ाई की गति पर संदेश

एक छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों की समझ के अनुसार पढ़ाने की गति तय करनी चाहिए। शिक्षक छात्रों से सिर्फ एक कदम आगे रहें, ताकि छात्र न तो पीछे छूटें और न ही हताश हों।

सफलता की आदतें और जीवनियां पढ़ने की सलाह

पीएम मोदी ने छात्रों को महान व्यक्तियों की जीवनियां पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे यह समझ आता है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि लगातार मेहनत और धैर्य से हासिल होती है।

गेमिंग और करियर पर क्या बोले पीएम

गेमिंग में करियर बनाने को लेकर पूछे गए सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत में विरोध मिलना सामान्य है, लेकिन शांत रहकर मेहनत करें और खुद को साबित करें। जब सफलता मिलती है, तो वही परिवार और समाज का सम्मान बन जाती है।

बोर्ड परीक्षा को बताया प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों की पहली प्राथमिकता बोर्ड परीक्षा होनी चाहिए, क्योंकि यही शैक्षणिक जीवन की नींव होती है। अगर बोर्ड का सिलेबस अच्छी तरह समझ लिया जाए, तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी साथ-साथ हो सकती है।

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में पीएम मोदी के संदेशों ने छात्रों को तनाव से बाहर निकलकर सकारात्मक सोच, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की नई दिशा दी।