12 June 2026 Fact Recorder
Business Desk: केंद्र सरकार ने डीजल की बिक्री और आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत नया आदेश जारी करते हुए पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री को सीमित कर दिया है।
नए नियम के अनुसार, किसी भी व्यक्ति या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसका उद्देश्य डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना बताया गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि पेट्रोल पंप डीलर अब केवल वाहन के टैंक या PESO (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) द्वारा अनुमोदित कंटेनर में ही डीजल की बिक्री कर सकेंगे।
क्या हैं नए नियम?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- एक दिन में प्रति वाहन/ग्राहक अधिकतम 200 लीटर डीजल ही मिलेगा
- संस्थागत, औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहक खुदरा पंप से ईंधन नहीं खरीद सकेंगे
- उन्हें केवल अपने अधिकृत उपभोक्ता पंप से ही ईंधन लेना होगा
- नियम का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी
यह आदेश फिलहाल 90 दिनों तक या अगले निर्देश तक लागू रहेगा।
सरकार का तर्क
सरकार के अनुसार हाल के दिनों में थोक और खुदरा कीमतों में अंतर के कारण कुछ संस्थागत ग्राहक खुदरा पंपों से बड़े पैमाने पर डीजल खरीदकर अनुचित लाभ उठा रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।
इसी वजह से सरकार ने जमाखोरी और अनधिकृत खरीद पर रोक लगाने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।
निगरानी और कार्रवाई
नियमों के पालन के लिए तेल विपणन कंपनियों, डीलरों और प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













