28 July 2026 Fact Recorder
Sports Desk: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पैरा एथलीट शर्मिला ढांडा ने महिलाओं की शॉटपुट (F57) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
शर्मिला ने अपने सर्वश्रेष्ठ 9.81 मीटर के थ्रो के साथ यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस जीत के साथ ही पैरा एथलेटिक्स में भारत का 20 वर्षों का पदक इंतजार भी समाप्त हो गया। इससे पहले वर्ष 2006 में रणजीत कुमार जैसीलन ने पुरुष डिस्कस थ्रो में भारत के लिए आखिरी पदक जीता था। F57 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए होती है, जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं या जिनकी मांसपेशियों की ताकत कम होती है।
वहीं, पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा वेटलिफ्टिंग में वल्लूरी अजय बाबू और ज्ञानेश्वरी यादव ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में दो और रजत पदक डाले।
भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश के पदकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शर्मिला ढांडा का स्वर्ण पदक भारतीय पैरा खेलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है और इससे आने वाले खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।












