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Kangra Chaitra Navratri jwala ji mandir devotees  | चैत्र नवरात्र के पहले दिन कांगड़ा पहुंचे 12 हजार श्रद्धालु: ज्वालाजी को 6 सेक्टरों में बांटा, ढोल-नगाड़ों पर रोक, ड्रोन से निगरानी – Dharamshala News

चैत्र नवरात्रि पर मंदिरों को विशेष रुप से सजाया गया है।

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में चैत्र नवरात्रि की तैयारियां पूरी हो गई हैं। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम, बज्रेश्वरी माता मंदिर, चिंतपूर्णी देवी मंदिर, श्री नयना देवी मंदिर और ज्वालामुखी माता मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है

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सभी मंदिरों में सुरक्षा के लिए पुलिस और होमगार्ड तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 31 विद्वान पंडित और 15 सहायक पंडित विशेष यज्ञ करेंगे। सप्तचंडी पाठ और रूद्राभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठान होंगे। बज्रेश्वरी मंदिर को दिल्ली से मंगाए गए फूलों से सजाया गया है। यहां श्रद्धालुओं के लिए मुद्रिका बस सेवा शुरू की जाएगी।

मंदिर घाट

मंदिर घाट

पहले दिन 12 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

ज्वालाजी क्षेत्र को छह सेक्टरों में बांटा गया है। 75 अतिरिक्त पुलिसकर्मी और 60 अस्थायी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। शांतिपूर्ण माहौल के लिए ढोल-नगाड़ों पर रोक लगाई गई है। शनिवार को ही करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अष्टमी की रात मां को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगेगा।

चिंतपूर्णी देवी मंदिर, जिसे छिन्नमस्तिका देवी भी कहा जाता है, में भी भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मान्यता है कि यहां माता सती के चरण गिरे थे। श्री नयना देवी मंदिर में भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर परिसर को सजाया गया है और नगर परिषद ने सफाई व्यवस्था संभाल ली है।

कांगड़ा तीर्थयात्रियों के अलावा पर्यटक भी पहुंच रहे हैं।

कांगड़ा तीर्थयात्रियों के अलावा पर्यटक भी पहुंच रहे हैं।

कांगड़ा पहुंचने का मार्ग

कांगड़ा पहुंचने के लिए पठानकोट से दूरी 110 किलोमीटर है। मंडी-पठानकोट मार्ग पर बसें उपलब्ध हैं। पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेललाइन पर कुछ ट्रेनें चलती हैं। गगल हवाई अड्डा बज्रेश्वरी मंदिर से 11 किलोमीटर दूर है। यहां दिल्ली से छह फ्लाइट चल रही हैं।

30 मार्च (आज) शाम 5.20 बजे एक और फ्लाइट शुरू होगी। यह विमान पांच बजे दिल्ली से आएगा और 5.20 पर दिल्ली के लिए रवाना होगा। दिल्ली से हिमाचल की सरकारी हिमसुता बस सेवा और निजी लग्जरी बसों से मात्र 1200 रुपए में यहां पहुंचा जा सकता है। हर मंदिर के पास होटल और सराय की सुविधा उपलब्ध है।