13 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को हाल के दिनों में कूटनीतिक मोर्चे पर लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ रहा है। इस्लामाबाद में ईरान के साथ वार्ता को सफल बनाने में विफल रहने के बाद उन्हें हंगरी में भी बड़ा झटका लगा है।
हंगरी में वेंस डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले विक्टर ओर्बन के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे, लेकिन चुनाव में ओर्बन को हार का सामना करना पड़ा। माना जा रहा है कि अमेरिका की ओर से किए गए जोरदार समर्थन के बावजूद जनता ने बदलाव का फैसला लिया और विपक्षी नेता को सत्ता सौंप दी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वेंस ने चुनाव प्रचार के दौरान कई बड़े दावे किए और यूरोपीय संघ पर भी निशाना साधा, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा। यहां तक कि एक रैली के दौरान उन्होंने फोन पर डोनाल्ड ट्रंप को भी जोड़ा, फिर भी परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया।
इससे पहले इस्लामाबाद में ईरान के साथ शांति वार्ता में भी वेंस कोई ठोस सहमति नहीं बना सके और खाली हाथ लौटना पड़ा।
लगातार मिल रही इन असफलताओं को ट्रंप की विदेश नीति और रणनीति के लिए भी झटका माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।













